पानी बचाने के लिए जागरूक करते-करते नरेंद्र सिंह वाटर मैन बन गए। इनकी
पानी से इस कदर मोहब्बत है कि यह इसमें सो भी लेते हैं। इनका 20 साल से
पानी का साथ है। लखनऊ के थाना इटौंज के गांव सरायदामू के मूल निवासी
नरेंद्र सिंह चौहान फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव निनौआ स्थित राजकीय
महाविद्यालय में सुपरवाइजर हैं। नदी, नहर व तालाब के पानी से इन्हें
बचपन
से ही खास लगाव है। पानी की बर्बादी देख कर यह लोगों को जागरूक करने लगे।
यह कहते हैं कि पानी न होने की कल्पना कर वह सिहर जाते थे। इससे पानी बचाने
के लिए लोगों को जागरूक करने को मिशन बना लिया। जागरूकता अभियान के साथ ही
पानी से मोहब्बत बढ़ती चली गई। यह गांव के तालाब व नहर में लेटकर समय
बिताने लगे। मजे की बात
तो ये कि यह पानी में ही खाना खाने के साथ नींद भी
पूरी कर लेते हैं। शनिवार को याकूतगंज के एक तालाब में नरेंद्र ने पानी
में अपने कारनामे दिखाए। इस दौरान यहां आसपास के गांवों के लोगों की भीड़
जमा हो गई। नरेंद्र ने तालाब से बाहर निकल कर लोगों को पानी बचाने की
नसीहत दी।
इस तरह करते हैं जागरूक
नरेंद्र सिंह हाथ पैर
बंधे होने के बावजूद पानी पर तैर लेते हैं। यह पानी में घुसकर करतब दिखाने
लगते हैं। इसके बाद यह लोगों को पानी बचाने के तरीके बताते हैं। नरेंद्र
बताते हैं कि वह अभी तक दर्जनों लोगों को पानी में डूबने से बचा चुके हैं।
ये पानी पर बने अभी तक के सभी रिकार्ड तोड़ने की ख्वाहिश भी रखते हैं। यह
अभी तक यमुना नदी में 24 किलोमीटर और नरौरा बांध के पास तीन किलोमीटर का
सफर तय कर चुके हैं।