फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर बाढ़ का पानी भरने से आवागमन करने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों तक का निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं, गंगा व रामगंगा के किनारे बसे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
गंगा व रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है। शनिवार को आवागमन के दौरान कई लोगों की बाइकें बंद हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर आवागमन ठप भी हो सकता है। वहीं, गंगा किनारे बसे गांव तीसराम की मड़ैया, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, सैदापुर, पट्टी भरखा, रामपुर, जोगराजपुर, कुड़री सारंगपुर और करनपुर घाट समेत करीब 25-30 गांवों में लगभग एक माह से पानी भरा है। वहीं, रामगंगा से अलादपुर भटौली, कोलासोता, बेचेपट्टी, खाकिन, खरगपुर, निसवी, राई और हीरानगर आदि गांव में पानी भरा है। ग्रामीणों का कहना है कि लकड़ी व कंडे भीग जाने से खाना आदि बनाने में दिक्कत होने लगी है।
चित्रकूट गांव में संतोष कुमार, अरविंद कुमार, रामवती आदि के घरों में पानी भरा हुआ है। भुड्डन की मड़ैया में 20 लोगों को ही राहत सामग्री मिली है, 15 को नहीं मिली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लेखपाल प्रधानों से मिलकर सूची बनवा रहे हैं। इस वजह से उन लोगों की पहली सूची बनाई जा रही हैं, जिन्होंने प्रधान को वोट दिया है। अर्जुनपुर गांव की सड़क कट जाने के बावजूद एक भी नाव नहीं लगी है। सुंदरपुर, नगला दुर्गू, कछुआगाढ़ा, सैदापुर, जसूपुर, गढ़िया में मोटर वोट लगाई गई है। उप जिलाधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि आवागमन के लिए 24 घंटे नाव चल रही हैं। पुलिस विभाग की मोटरवोट हरिसिंहपुर कायस्थ और ऊगरपुर में चल रही है। सिंचाई विभाग अधिशासी अभियंता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को नरौरा बांध से एक लाख 94 हजार चार सौ 57 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर 137.00 मीटर पर स्थिर है। राम गंगा में तीनों बांधों से 46 हजार पांच सौ 44 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 137.50 मीटर पर पहुंच गया है। लो फ्लड का निशान 137.10 व हाईफ्लड 137.60 मीटर है।