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फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर हंगामा

Sat, 01 Sep 2018 11:28 PM IST
farrukhabad
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हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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हड़ताल के बाद शनिवार को लोहिया अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान फिजीशियन कक्ष और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीजों ने हंगामा किया। वहीं, मरीज तो आए लेकिन तीन डॉक्टरों के शिविर और दो डॉक्टरों के अवकाश पर होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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प्रसूता की मौत के बाद डाक्टर व कर्मचारियों के साथ मारपीट होने से मंगलवार को लोहिया अस्पताल में हड़ताल रही। इसके बाद तीन लगातार पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। इससे ओपीडी ठप हो गई थी। शनिवार को पांचवें दिन लोहिया अस्पताल की ओपीडी खुली तो सुबह से ही मरीजों की भीड़ होने लगी। पर्चा काउंटर पर भीड़ होने पर कर्मचारियों ने महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाई। ओपीडी में शनिवार को 1382 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही। यहां पर काफी देर तक मरीज फिजीशियन के आने का इंतजार करते रहे। जब डॉ. अशोक कुमार अपने कक्ष में नहीं पहुंचे तो मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया।

मरीजों का कहना था कि चार दिन से अस्पताल में हड़ताल होने के कारण किसी मरीज को नहीं देखा गया। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद भी डॉक्टर कक्ष में नहीं पहुंचे। मरीजों के हंगामा करने पर कर्मचारी उनके पास पहुंचे। मरीजों को कर्मचारियों ने बताया कि फिजीशियन के साथ ही डॉ. आरएन सिंह, डॉ. अजय कुमार एक शिविर में गए हैं। जिस कारण यह डॉक्टर अपने कक्षों में नहीं बैठे। इसके बाद कुछ मरीज मायूस होकर लौट गए। कुछ मरीजों ने अन्य डॉक्टरों को दिखा कर दवा ली।
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इसके साथ ही बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह के कक्ष में मरीजों की भीड़ लगी रहीं। मरीजों ने यहां पर भी हंगामा शुरू कर दिया। मरीजों का कहना था कि कुछ लोग कक्ष के अंदर पहुंच कर मरीजों को दिखा कर लौट रहे हैं। वह लोग काफी समय से खड़े हैं। उनको नहीं देखा जा रहा है। डॉ. गौरव मिश्रा और डॉ. नन्हूमल अवकाश पर होने से उनके मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दवा काउंटर पर भी मरीजों में धक्कामुक्की होती रही। वहीं, महिला अस्पताल की ओपीडी में 256 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। यहां पर डॉ. श्वेता तिवारी और डॉ. नेहा खान ने मरीजों को देखा।
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