अमृतपुर। गंगा नदी के जलस्तर में सोमवार को पांच सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। अब गंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
वहीं, बाढ़ प्रभावित गांवों की मुश्किलें अभी भी जस की तस बनी हुई हैं। सड़कों और घरों में पानी भरा होेने से लोगों का खाना-पीना और आवागमन मुश्किल में है।
गंगा का जलस्तर 137 मीटर से घटकर 136.95 पर पहुंच गया है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 135.50 से बढ़कर 135.65 पर बना हुआ है। गंगा की बाढ़ से आशा की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, लायलपुर, बामियारी, अमीराबाद, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, कुबेरपुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
वहीं गौटिया, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, कछुआ गाढ़ा, आंतर, सवितापुर, सैदापुर सहित 100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। इन गांवों में घरों और सड़कों पर पानी भरा हुआ है।
हालात यह हैं कि ग्रामीण अभी भी पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। बाढ़ की मार से कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और खेतों में खड़ी फसलें डूबकर चौपट हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में कमी आई है, लेकिन गांवों में पानी की निकासी बहुत धीमी है। लोगों का कहना है कि खतरे के निशान से नीचे जाने के बाद भी हालात सामान्य होने में समय लगेगा। बाढ़ से उबरना ग्रामीणों के लिए अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
फोटो-11,प्राथमिक विद्यालय निविया में भरा बाढ़ के पानी से निकलती युवती।संवाद- फोटो : शहर स्थित एक बाइक शोरूम में बाइक लेने के लिए जानकारी करते लोग।