पांच गांवों में घुसा पानी, 50 बाढ़ के मुहाने पर
अमृतपुर(फर्रुखाबाद)। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। किनारे के पांच गांवों में पानी घुस गया है। हरसिंगपुर कायस्थ के रास्ते में पानी भरने से ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। करीब 50 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं रामगंगा के जलस्तर में करीब 30 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।
गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है और जलस्तर 136.55 मीटर पर पहुंच गया है। इससे गंगा किनारे बसे गांव हरसिंगपुर कायस्थ, जोगराजपुर, उगरपुर, कुड़री सहरगपुर तीसराम की मड़ैया में पानी भर गया। सोतनाला में पानी बढ़ने से मंझा के ग्रामीणों के लिए नाव ही आवागमन का एक सहारा बची है।
नरौरा बांध से शुक्रवार को गंगा में एक लाख 67 हजार, 329 क्यूसेक पानी छोड़ने जाने से शनिवार को जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। भाऊपुर चौरासी, नगरिया जवाहर, फुला, जटपुरा, माखन नगला, मिघन नगला, नगला दुर्ग, सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, कुसुमापुर, लायकपुर आदि समेत लगभग 50 गांवों के किनारे तक पानी पहुंच गया।
इससे इन गांवों के लोग चिंतित हैं। रामगंगा में शुक्रवार 10 हजार 343 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर 134.5 से बढ़कर 134.35 मीटर पर पहुंच गया। इससे अलादपुर भटौली, कोलासोता के ग्रामीण भयभीत हैं। रामगंगा की तेज धार से कटान तेजी से हो रहा है।
कंट्रोल रूम भी सक्रिय नहीं
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है, लेकिन तहसील में बना कंट्रोल रूम अभी तक सक्रिय नहीं हुआ है। केवल अमीनों की कागजों पर ही ड्यूटी लगा दी गई है।
‘सभी लेखपालों को सतर्क कर दिया गया है। उन्हें अपने-अपने क्षेत्र की सूचना प्रतिदिन देनी है। जिस गांव में नाव की आवश्यकता होगी उस गांव में नाव पहुंचाई जाएगी। पानी बढ़ने से सतर्कता बढ़ा दी गई है।’ प्रदीप सिंह, तहसीलदार अमृतपर