नवाबगंज। तीन माह से लापता युवक का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई तो गुरुवार को छह ट्रैक्टर ट्रॉलियों में डीएम से शिकायत करने निकले। एसडीएम ने रास्ते में रोका तो उनकी ग्रामीणों से नोकझोंक हो गई। एसडीएम ने युवक की तलाश कराने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। फिर एएसपी ने थाने बुलाकर परिजनों को युवक की खोजबीन का भरोसा दिलाया।
ग्राम नगला जब्ब निवासी जगराम यादव का पुत्र हृदेश यादव (18) 28 अक्तूबर 2020 को बाइक से मोहम्मदाबाद जाने के लिए घर से निकला था। घर न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की। उसकी बाइक करणपुर चौराहे पर खड़ी मिली थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। तीन महीने बाद भी पुलिस हृदेश का पता नहीं लगा पाई है। पुलिस की लापरवाही से आक्रोशित परिजन ग्रामीणों के साथ छह ट्रैक्टर-ट्रालियों में गुरुवार को डीएम से शिकायत करने कलक्ट्रेट जा रहे थे। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष पूनम जादौन पहुंच गईं और जगराम को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं माने और डीएम से मिलने की बात कहकर ट्रैक्टर आगे बढ़ा दिए। सीओ को सूचना देकर थानाध्यक्ष ने थाने से और फोर्स बुला ली। कुछ देर में एसडीएम नरेंद्र सिंह और सीओ राजवीर सिंह गौर पहुंच गए। अधिकारियों ने गांव पुठरी के पास ट्रैक्टर-ट्रालियां रुकवा लीं। ग्रामीणों की एसडीएम से नोकझोंक हो गई। युवक की तलाश कराने का आश्वासन देकर एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद वह गांव लौट गए। इसके बाद थाने पहुंचे एएसपी अजय प्रताप ने थाने पर बुलवाकर जगराम व उनके परिजनों को जांच कराकर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।