फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के मामले में ग्रामीण को दोषी करार दिया। सजा सुनाने के लिए नौ दिसंबर की तिथि निर्धारित है।
कोतवाली कायमगंज के तत्कालीन इंस्पेक्टर संतोष कुमार भारद्वाज ने थाना क्षेत्र के गांव मोती नगला निवासी उमेश यादव के खिलाफ नौ नवंबर 2000 को गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि उमेश यादव के खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। यह क्षेत्र में लोगों को भयभीत कर धन उगाई करता है। इसके डर व भय के कारण क्षेत्र में इसके खिलाफ ग्रामीण गवाही देने से भी डरते हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की। विवेचक ने विवेचना पूर्ण कर उमेश यादव के खिलाफ न्यायालय में गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गवाह व साक्ष्य के आधार पर उमेश यादव को दोषी करार दिया।