फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण अमृतपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। गंगा के जलस्तर में रविवार को पांच सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। जलस्तर 137.30 मीटर से घटकर 137.25 मीटर पर पहुंच गया। गंगा अब भी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नरौरा बांध से 191442 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा का प्रवाह और तेज हो गया। खेतों में पानी भर जाने से ग्रामीणों की रोजी-रोटी का भी संकट हो गया है।
पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश से गंगा बार-बार अपना रौद्र रूप दिखा रही है। उतार-चढ़ाव से डरे ग्रामीण बताते हैं कि एक माह से गांव में बाढ़ की मार झेल रहे हैं। खेतों की फसलें डूबकर पूरी तरह बर्बाद हो गईं हैं। मजदूरी के साधन बंद होने से दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी सड़कों, गलियों और घरों में भरा है। राजेपुर तिराहा पर तेज बहाव से निबिया मार्ग पर गहरे गड्ढे बन गए और रास्ता बंद हो गया। राजेपुर-डबरी मार्ग पर भी पानी और गड्ढों के कारण छोटे वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। इससे फर्रुखाबाद जाने वाले वाहन इटावा-बरेली हाईवे के रास्ते ही आ-जा रहे हैं।
इधर, रामगंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। 137.00 मीटर से बढ़कर यह 137.05 मीटर तक पहुंच गया। खो बैराज से 5,427, हरेली से 11,500 और रामनगर बैराज से 13,812 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर है। रामगंगा का पानी ग़ैहलार, गुलरिया, भावन, हीरानगला, मियापट्टी, नाहरैया, निसवी, खरगपुर, सीढ़ेचकरपुर व राई जैसे गांवों तक फैल चुका है। अमैयापुर-चपरा और ख़ाखिन मार्ग पर तेज बहाव से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है।
फोटो-26, गांव बलीपट्टी रानी गांव में बाढ़ के पानी से निकल कर जाते लोग। संवाद
फोटो-26, गांव बलीपट्टी रानी गांव में बाढ़ के पानी से निकल कर जाते लोग। संवाद