कायमगंज। विकास खंड क्षेत्र की 87 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 35 गांवों में सचिवालय का कार्य पूर्ण हुआ है। शेष 52 सचिवालय में कार्य अधूरे पड़े हैं। इसमें 15 सचिवालय में कहीं लिंटर नहीं तो कहीं निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हुआ है। ऐसे हालात रहे तो ग्रामीण विकास का सपना कैसे पूरा हो सकेगा।
सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के उद्देश्य की पूर्ति के लिए गांवों में ग्रामीण सचिवालय का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे ग्राम पंचायत के कार्यालयों में एक ही जगह पर ग्राम पंचायत की बैठकों के साथ-साथ ग्राम पंचायत अधिकारी की मौजूदगी, ग्राम विकास से संबंधित दस्तावेजों के सुरक्षित रखरखाव, कंप्यूटर आदि की उपलब्धता रहेगी। एक ही छत के नीचे सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध हो सके। इसके लिए सरकार लाखों रुपये खर्च करके गांव में प्राथमिकता के साथ निर्माण करा रही है, मगर विकास खंड कायमगंज में स्थित कुछ अलग है। यहां जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद 52 सचिवालय में काम अधूरे पड़े हैं। इनमें ग्राम शिवरई वरियार में 10 लाख खर्च हो चुके हैं, सचिवालय पर लिंटर भी नहीं पड़ा है।
भरथरी, जिजौटा बुजुर्ग, पचरौली में हाल में ही निर्माण कार्य शुरू हुआ है। बरखेड़ा, नरायनपुर, जिजपुरा के सचिवालय पुराने भवन हैं, जो जर्जर पड़े हैं। दीपपुर नगरिया, समाउद्दीनपुर, नरैनामऊ, सिवारा खास में निर्माण कार्य बंद चल रहा है। 87 में से 35 सचिवालय ऐसे हैं जहां फर्नीचर, कंप्यूटर आदि लगा दिए गए हैं, जो पूरी तरह तैयार हैं।
बीडीओ मोहम्मद आरिफ ने बताया कि 35 सचिवालय पूरे हो चुके हैं। शेष सचिवालय को जल्द ही तैयार कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सहायक को मिल रहा मानदेय, पंचायत सचिवालय में ताला
अमृतपुर। विकास खंड राजेपुर के गांव मुजहा में पंचायत सहायक आरती की तैनाती भी कर दी गई है, लेकिन पंचायत घर अभी अधूरा पकड़ा है। इसमें बिजली की व्यवस्था नहीं हो सकी है। शौचालय भी अधूरे पड़े हैं। जबकि पंचायत सहायक का मानदेय ग्राम सभा से निकल रहा है। ग्राम सभा कुबेरपुर कुड़रा में बने पंचायत घर में ताला लटका है। इसमें पंचायत सहायक अनूप कुमार की तैनाती की है, लेकिन इस पंचायत घर में बैठने के लिए कुर्सी नहीं है। कंप्यूटर भी नहीं लगाए गए हैं। हरसिंहपुर गहलवार का पंचायत घर भी अधूरा है। इसमें भी पंचायत सहायक वैभव कुमार की तैनाती है। मानदेय भी दिया जा रहा है। ग्रामीणों को आय, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने व खतौनी लेने के लिए तहसील जाना पड़ रहा है। खंड विकास अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि 81 ग्राम पंचायतों में 70 पंचायत सचिवालय चालू हो चुके हैं। जो नहीं चालू हैं उन्हें चालू कराया जाएगा।(संवाद)