फर्रुखाबाद। धनराशि के दुरुपयोग के मामले में वसूली की रकम जमा न करने पर तत्कालीन सचिव एवं वर्तमान में राजेपुर विकासखंड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी मोहित यादव के निलंबन की संस्तुति डीपीआरओ ने की है। इससे उनका निलंबित होना तय है।
ग्राम पंचायत कुआंखेड़ा वजीर आलम खां में कुल 15,93,041 रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हुई थी। इसकी आधी धनराशि 7,96,520 रुपये तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मोहित यादव और इतनी ही राशि तत्कालीन ग्राम प्रधान अर्चना देवी से भू-राजस्व की तरह वसूल किए जाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित धनराशि जमा नहीं किए जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय ने 27 अगस्त को तत्कालीन सचिव से रकम जमा कराने का अनुरोध किया था।
इसके बाद 31 अगस्त को एक सप्ताह के भीतर 7,96,520 रुपये ग्राम निधि प्रथम में जमा करने और देरी का स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मोहित यादव ने अपने हिस्से की वसूली की धनराशि जमा नहीं की। डीपीआरओ अविनाश चौरसिया ने बताया कि गबन की धनराशि जमा न करने पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर सचिव को निलंबित किए जाने की संस्तुति की गई है। ग्राम विकास अधिकारी होने के कारण जिला विकास अधिकारी की ओर से निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।