वसंत पंचमी को लेकर उमंग और तरंग से मधुमास सराबोर है। शहर से लेकर देहात
तक वसंत के स्वागत की तैयारियां हैं। पंचमी पर जिले में पतंगबाजी की परंपरा
है। इसे निभाने के लिए शुक्रवार को पतंगाें की खूब खरीददारी हुई। वसंत की
पंचमी पर ज्ञान व गीत की देवी सरस्वती का जन्मदिन मनाया जाता है। इसके लिए
भी तैयारियां होती रहीं। खासतौर पर स्कूलों में सरस्वती पूजन को लेकर विशेष
तैयारी की गई हैं।
पूजन का शुभ मुहूर्त
मां सरस्वती के पूजन का शुभ मुहुर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट है।
पूजन की विधि
सरस्वती
का पूजन करने से पहले आचमन की प्रक्रिया है। स्नान करने के बाद सफेद
वस्त्र पहनकर पूरब दिशा की ओर मुख करके बैठें। स्वच्छ पटरे पर सफेद कपड़ा
बिछाकर उस पर अक्षत (चावल), गंगाजल का छिड़काव करें। मां सरस्वती की मूर्ति
को गंगाजल से स्नान आदि कराकर स्थापित करें। भूमि पर गंगाजल छिड़ककर पूजन
शुरू करें। कलश स्थापित करते
समय मां सरस्वती का मंत्रोच्चार करें। श्री
श्री सरस्वत्यै नम: का मंत्र पढ़ते हुए प्रत्येक पूजन सामग्री मां सरस्वती
को समर्पित करें। इसके बाद आरती उतार उनसे प्रार्थना करें और प्रसाद वितरित
करें। मां सरस्वती को सफेद फूल अत्यधिक प्रिय हैं।
वसंत पंचमी पर पतंगबाजी की परंपरा पुरानी
वसंत
पंचमी के पर्व पर शहर में पतंगबाजी की परंपरा वर्षों पुरानी है। वसंत
पंचमी के त्यौहार पर शहर में बच्चे, बूढ़े और जवान उत्साह के साथ पतंगबाजी
करते हैं। सुबह से शाम तक छतों पर वो काटा और वो मारा की आवाजें गूंजती
रहती हैं। तीन-चार दिनों तक जमकर पतंगबाजी होती है। शहर में हर गली, तिराहे
और चौराहे पर पतंगें की दुकानें सज जाती हैं।
31 जोड़ों का होगा विवाह
वसंत
पंचमी पर मां सरस्वती महामृत्युंजय समाज सेवा समिति की ओर से 24 जनवरी को
सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा। 31 जोड़े इस शुभ अवसर पर परिणय
सूत्र में बंधेंगे। संगठन मंत्री राजकिशोर शुक्ल ने बताया कि कार्यक्रम
पटेल पार्क में होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वह कहते हैं
कि करीब सात साल पहले उन्होंने वसंत पंचमी के दिन ही करीब सात जोड़ों का
विवाह संपन्न कराया था।
इसके बाद प्रतिवर्ष इसमें जोड़ों की संख्या बढ़ती
रही। इस बार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शमसाबाद चेयरमैन विजय गुप्ता और डा.
राकेश दुबे होंगे। पुजारी राजकिशोर शुक्ल ने बताया कि मठिया देवी स्थित मां
सरस्वती मंदिर को वसंत पंचमी के पर्व पर भव्यता के साथ सजाया जाएगा।
मौसम खास लेकिन रखें ख्याल
डा.
अदिति श्रीवास्तव का कहना है कि वसंत का मौसम खास है। सर्दी की विदाई और
गर्मी क ी अगवानी के लिए शरीर खुद को तैयार करता है। इस दौरान शरीर में
खासी ऊर्जा होती है। इससे मन प्रसन्न रहता है। सार्थक कामों को करने के लिए
मन में उत्कंठा होती है। इसी से इन महीनाें में परीक्षाएं रखी जाती हैं।
यह खुशगवार मौसम लापरवाही में दिक्कतें भी खड़ी करता है। जरा से असावधानी
पर जुकाम, बुखार व एजर्ली की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं।