अमृतपुर। कोरोना टीका लगाने गांव आसमपुर पहुंची टीम को देख पुरुष खेतों की ओर चले गए। वहीं महिलाओं ने दरवाजे बंद कर लिए। टीम के समझाने पर भी दरवाजे नहीं खोले। टीम ने कहा कि अफवाहों पर न जाओ कोरोना से सुरक्षित होने के लिए टीका लगवाना जरूरी है। इससे कोई नुकसान नहीं होगा।
विकास खंड राजेपुर क्षेत्र के गांव आसमपुर, भुवनपुर ताजपुर, चिड़िया महोलिया में शुक्रवार को कोरोना टीकाकरण के लिए कैंप लगाया गया है। इसमें ग्राम आसमपुर में दो गांव मंझा, तौफीक की मड़ैया लगते हैं। आसमपुर के ग्राम प्रधान रमाकांत, सचिव अश्वनी यादव, कोटेदार रामवीर सिंह, प्रधानाध्यापक रामकुमार, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता गांव तौफीक की मड़ैया, मंझा, आसमपुर लोगों को टीका लगवाने के लिए बुलाने पहुंचीं। इस पर गांव के कई पुरुष खेतों की ओर चले गए। महिलाओं ने घरों के गेट बंद कर लिए। गांव में कुछ लोग मिले उन्हें टीम ने टीका लगवाने के लिए समझाया पर वे तैयार नहीं हुए।
कई घरों की महिलाओं ने घर के भीतर से कह दिया उनके यहां कोई नहीं है। वह टीका नहीं लगवाएंगी। कोटेदार व प्रधान अपनी बाइक से कुछ लोगों गांव मंझा से लेकर आए और टीका लगवाया। मंझा गांव के ग्रामीण तीन किलोमीटर दूर आसमपुर आने से कतराते रहे। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि महिला व बुजुर्ग लोग इतनी दूर नहीं जा सकते हैं। गांव चिड़िया महुलिया के ग्रामीण लोग टीका नहीं लगवा रहे थे। दोपहर तक 20 लोगों के टीका लग पाया। उपजिलाधिकारी नरेंद्र सिंह, तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाहा पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच कर टीकाकरण के बारे ग्रामीणों को बताया। कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें। पूर्व प्रधान धर्मेंद्र सिंह सोमवंशी ने सभी गांव भी ग्रामीणों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। तब 80 लोगों ने टीका लगवाया। आसमपुर में 60 लोगों के ही टीका लग सका। भुवनपुर ताजपुर में 100 लोगों ने कोरोना टीका लगवया।
टीकाकरण के लिए सहयोग में लगे लेखपाल व अन्य कर्मचारी लोगों को समझाने के बजाय स्कूल के कमरे में आराम करते दिखे। क्षेत्रीय लेखपाल के सहयोग के लिए लगाए गए लेखपाल इंस्पेक्टर सिंह स्कूल के कमरे की फर्श पर लेटे आराम कर रहे थे। अधिकारी व कर्मचारी गांव में लोगों को समझाने के लिए गए थे। लेखपाल इंस्पेक्टर सिंह ने बताया कि गांव में घूमने के दौरान तेज धूप होने से तबीयत गड़बड़ा गई थी।