फर्रुखाबाद। किसान दिवस में यूरिया खाद के संकट से निजी दुकानाें के
कालाबाजारी करने की शिकायत की गई। इस पर डीडी कृषि ने छापामारी अभियान
चलाने का किसानाें को भरोसा दिया। पिछले किसान दिवस की समीक्षा में 9
शिकायतें लंबित मिलीं। एक्सईएन ग्रामीण की गैरहाजिरी पर इनसे स्पष्टीकरण
तलब किया जाएगा।
माह के तीसरे बुधवार को कलेक्ट्रेट में किसान दिवस पर
किसानाें ने यूरिया खाद की समस्या उठाई। किसानाें का कहना था कि निजी
दुकानदाराेें ने दुकानाें से खाद गायब कर दी है। इसे दूसरी जगहाें से महंगे
दामाें पर बेचा जा रहा है। डीडी कृषि एके सिंह ने कहा कि खाद की
कालाबाजारी रोकने के लिए नोडल अधिकारी तैनात हैं। बुधवार से छापामारी की
जाएगी।
कालाबाजारी की पुष्टि होने पर दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया
जाएगा। जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी की शिकायत के लिए
किसानाें को नोडल अधिकारियाें के नंबर भी लिखवाए गए। उन्होंने बताया कि दो
दिन में यूरिया की रैक जिले को मिल जाएगी।
एडीएम मनोज सिंघल ने नवंबर
के किसान दिवस में आई शिकायताें की समीक्षा की। इसमें 9 शिकायतें लंबित पाई
गईं। इनमें 7 शिकायतें बिजली विभाग व 2 सिंचाई विभाग की थीं। मौके पर
देहात के एक्सईएन बिजली अमर सिंह गैरहाजिर मिले। इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया
है।
गुतासी गांव के अरविंद ने सेंटर पर गन्ना तौल न होने की शिकायत की।
इन्हाेंने यह भी बताया कि यहां के पशु अस्पताल में तैनात डाक्टर आते ही
नहीं हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कुमार ने चिकित्सक के खिलाफ
कार्रवाई का आश्वासन दिया।