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राज्य मंत्री बोले केंद्र पर न बिकने वाला धान मंडी में खरीदा जाएगा

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किसान कल्याण केंद्र का निरीक्षण करते राज्यमंत्री लाखन सिंह। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद/नवाबगंज। कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान राज्य मंत्री ने मंगलवार को यहां कहा कि क्रय केंद्र पर न लिया जाने वाला धान मंडी में खरीदा जाएगा। उन्होंने दोगुनी आय करने के लिए किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए।
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हालांकि इंतजार के बावजूद राज्य मंत्री से मुलाकात न कराए जाने से किसान मायूस दिखे। मंत्री लकूला स्थित कृषि उपनिदेशक कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
राज्य मंत्री का लाखन सिंह राजपूत ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए खाद, बीज, ऋण व केसीसी की सुविधा देना प्राथमिकता है। धान खरीद में मनमानी के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो धान क्रय केंद्र से नमी के आधार पर वापस होगा, उसे मंडी में लिया जाएगा। धान की शत प्रतिशत खरीद की जाएगी।
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सत्यापन के लिए लेखपालों को लगाया गया है। इससे बिचौलिए केंद्र पर अपना धान न बेच सकें। पराली जलाने के सवाल पर कहा कि किसानों के लाभ के लिए ये नियम लागू किया गया है।
पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद किसान मित्र जीवाणु नष्ट होने के साथ उत्पादन क्षमता कम होती है। हालांकि नगरपालिका का कूड़ा जलाने में कार्रवाई न होने के सवाल पर वह बात घुमाते नजर आए।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था सुधारने को कृषि रक्षा व भूमि संरक्षण विभाग में बड़े स्तर पर कर्मचारी भर्ती करने का प्रस्ताव बन चुका है। कीटनाशकों की उपलब्धता न होने पर कहा कि दवाइयों को खत्म कर कम लागत की प्राकृतिक खेती पर जोर है।
एक गाय के गोबर व मूत्र से 150 बीघा खेती करने का फार्मूला भी बताया। इसके बाद उन्होंने किसान कल्याण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान राजेपुर क्षेत्र के एक किसान ने अप्रैल से गन्ना का भुगतान न होने की शिकायत की।
हालांकि बाहर खड़े किसान अंदर जाने की अनुमति न मिलने से मायूस दिखे। इसके बाद राज्य मंत्री नवाबगंज पहुंचे। वहां एग्री जंक्शन देखने के बाद गांव नगला दुर्गू में प्रतीक बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन (एफपीओ) का निरीक्षण किया।
उन्होंने कंपनी के डायरेक्टर प्रदीप यादव से कहा कि कम लागत में प्राकृतिक खेती व जैविक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण दें। फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से ब्रांड तैयार कराएं और संगठन से जोड़कर किसानों को अच्छा मूल्य दिलाएं।
राज्य मंत्री ने बताया कि प्रतीक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को एक क्रय केंद्र का भी लाइसेंस दिया जाएगा जिससे किसान को अपनी उपज का सही मूल्य मिल सके। कृषि उपनिदेशक राजकुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह, डॉ.विनय सक्सेना, एडीओ दशरथ सिंह आदि मौजूद रहे।
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