फर्रुखाबाद। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर की परीक्षाएं मंगलवार को जिले के 35 परीक्षा केंद्रों पर शुरू र्हुइं। पहले ही दिन सचल दल को कुछ केंद्रों पर परीक्षा कक्षों में लगाए गए सीटिंग प्लान (परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था) में गड़बड़ी मिली। कें
द्र पर संबद्ध विभिन्न कॉलेजों के छात्रों को मिश्रित रूप से नहीं बैठाया गया। निर्देश दिए गए कि आगे से संबद्ध कॉलेजों के छात्रों को मिश्रित रूप से बैठाया जाए। इस बार उत्तरपुस्तिका का मुख्य पृष्ठ बदल गया। इससे छात्रों के विवरण भरने में गड़बड़ी हुई।
डॉ. अजय सिंह के संयोजकत्व वाले विश्वविद्यालय सचल दल में महिला निरीक्षक डॉ. स्नेह त्रिवेदी, डॉ. एसपी वर्मा, डॉ. पंकज व डॉ. सोहन त्रिवेदी शामिल रहे। सचल दल ने सुबह 7 वाली पाली में जहानगंज के पुत्तूलाल मेमोरियल डिग्री कालेज, मेजर एसडी सिंह डिग्री कालेज मोहम्मदाबाद, बाबूसिंह डिग्री कालेज नवाबगंज, कृष्णा बालिका डिग्री कालेज आवास विकास, रामनिवास महाविद्यालय चित्रकूट राजेपुर सहित 6 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
कुछ परीक्षा केंद्रों पर स्वकेंद्र वाली छात्राओं के साथ दूसरे कालेज के छात्र सीटिंग प्लान में नहीं बैठाए गए थे। इस पर सचल दल ने आगे से मिश्रित सीटिंग प्लान से बैठाने के निर्देश दिए। कुछ केंद्रों पर उत्तर पुस्तिका के मुख्य प्रष्ठ पर विवरण अंकित करने में कई छात्र गलती करते पाए गए। इसे ठीक कराया गया।
कुछ केंद्रों पर शंका हुई तो सचल दल एक घंटे से ज्यादा देर तक जमा रहा। सचल दल प्रभारी ने कहा कि वे सीधे विश्वविद्यालय को रिपोर्ट देंगे। मंगलवार को पहला दिन था। आगे से पूरी तरह सुधार को निर्देशित किया गया।
हर पाली में पेपर लेने पहुंचे प्रतिनिधि
परीक्षा से पहले केंद्र पर प्रश्नपत्र न खुल जाएं, इसके लिए तीनों पालियों की परीक्षा शुरू होने से पहले वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष के अधिकृत प्रतिनिधि को नोडल सेंटर पर जाकर पेपर का सीलबंद लिफाफा प्राप्त करना पड़ा। डीएन कालेज फतेहगढ़ नोडल सेंटर पर 17 परीक्षा केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल जमा हुए।
बंडल जमा होने के समय का विवरण मांगा
परीक्षा समाप्ति के बाद केंद्र पर कोई खेल न हो। इसके लिए विश्वविद्यालय ने विवरण मांगा है कि किस परीक्षा केंद्र के कापियों के बंडल नोडल सेंटर पर कितने बजे जमा हुए।
32 प्रतिशत व्यक्तिगत अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी
कमालगंज। आरपी डिग्री कालेज कमालगंज परीक्षा केंद्र पर नकल न मिल पाने पर 32 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने विश्वविद्यालय परीक्षा छोड़ दी। प्रथम पाली में बीए प्रथम वर्ष हिंदी साहित्य प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा हुई। इसमें पंजीकृत 77 व्यक्तिगत परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी, 25 छात्र परीक्षा से किनारा कर गए।
वहीं संस्थागत छात्रों में 97 में से 87 शामिल हुए। वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष डॉ. बलवीर सिंह, अतिरिक्त केंद्राध्यक्ष डॉ. एसआर सिंह, डॉ. एपी चौरसिया, डॉ. केके वर्मा, विशाल वर्मा, करुणेश पांडेय ने परीक्षा व्यवस्था देखी।