फर्रुखाबाद। बिहार से दिल्ली जा रही स्लीपर बस में आग लगने से हुए हादसे के बाद शासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया। परिवहन राज्यमंत्री के आदेश पर जिले में भी अभियान चलाया गया। एआरटीओ प्रशासन ने दो बसों को पकड़कर सीज कर दिया। इन पर 67 हजार जुर्माना भी लगाया गया।
लखनऊ के किसान पथ के पास हरिकंशगढ़ी में बृहस्पतिवार को चलती स्लीपर बस में आग लग गई थी। आग लगने के चलते पांच यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। घटना को संज्ञान में लेते हुए परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने प्रदेश भर में चल रहीं स्लीपर बसों के परमिट और फिटनेस की जांच के आदेश दिए थे। मंत्री के आदेश के बाद जिले में स्लीपर बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया। एआरटीओ प्रशासन वीएन चौधरी ने मसेनी चौराहा के पास से दो बसों को पकड़ लिया। प्रपत्र पूरे न होने के चलते दोनों बसों को फर्रुखाबाद बस अड्डा परिसर में खड़ा कराया गया। पकड़ी गई बसों पर 67 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। एआरटीओ ने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा।