शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। लापता बालक को लेने के लिए दो पक्ष भिड़ गए। मामला थाने में पहुंचा तो एसओ ने बालक की उंगलियों का मिलान कराया। बालक जनपद आजमगढ़ का निकला। उसको रिश्तेदारों को सुपुर्द कर दिया।
जनपद शाहजहांपुर थाना कलान गांव धरमपुर निवासी सुरेंद्र शर्मा 16 फरवरी को परिवार सहित गंगा स्नान करने आए थे। मेले में उनका आठ वर्ष का पुत्र सुधांशु लापता हो गया था। सुरेंद्र ने थाने में बेटे के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
जनपद शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर गांव कीलापुर निवासी मुनेंद्र कुमार की पत्नी सोनिया जनपद आजमगढ़ कोतवाली सदर गांव लबूहां की निवासी है। उसका आठ वर्ष का भाई आशुतोष उसके साथ ही रहता है। चार जून को आशुतोष अचानक खेलते-खेलते लापता हो गया। गांव मड़ैया निवासी सुरेंद्र ने गांव में अपरिचित बालक को घूमते देखा। उन्होंने रिश्तेदार सुरेंद्र शर्मा को सूचना दी।
सुरेंद्र गांव में पहुंचे और बालक को लेकर अपने घर चले गए। मुनेंद्र साले की खोजबीन कर रहे थे। उनको पता चला कि धरमपुर निवासी सुरेंद्र शर्मा बालक को अपने साथ लेकर चले गए। मुनेंद्र ने थाने में शिकायत की। सूचना पर सुरेंद्र शर्मा बालक को लेकर थाने पहुंचे। थाने में दोनों बालक को अपना बताने लगे।
एसओ बलराज भाटी ने सुरेंद्र व मुनेंद्र से बालक के आधार कार्ड मांगे। उसकी उंगलियों का मिलान कराया। ऐसे में बालक आशुतोष निकला। एसओ ने बालक को बहन सोनिया व बहनोई मुनेंद्र की सुपुर्दगी में दे दिया। एसओ बलराज भाटी ने बताया कि बालक बहन के घर से लापता हो गया था। बहन व बहनोई को बालक सुपुर्द कर दिया गया।