फोटो-2 गांव कटरी तौफीक में कटान करती गंगा। स्रोत: जागरूक पाठक
शमसाबाद। बाढ़ क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक में गंगा नदी का कटान तेज हो गया है। बृहस्पतिवार को दो मकान गंगा में कटकर गिर गए। अब तक गांव में कुल आठ मकान नदी में समा चुके हैं। इससे ग्रामीण दहशत में हैं और सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
कानूनगो वीरेंद्र सिंह और लेखपाल अजीत मिश्रा ने मोटरबोट से गांव का दौरा किया। उन्होंने नाव से कटान प्रभावित मकानों के पास पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बाढ़ पीड़ितों की सूची भी तैयार की जा रही है। बृहस्पतिवार को हलवदार और भूकेश के मकान गंगा में कट गए। इससे पहले जोड़राम, जयचंद, ज्ञानचंद, जगदीश, रामचंद्र और विनोद के मकान गिरे थे। ग्रामीण अपने मकानों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। वे ट्रैक्टर, नाव और मोटरबोट का उपयोग कर रहे हैं।
ग्रामीणों को आशंका है कि कटान नहीं रुका तो और मकान गंगा में समा सकते हैं। कानूनगो वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कटरी तौफीक में बाढ़ पीड़ितों की सूची बन रही है। क्षेत्र के करीब 25 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें अचानकपुर, चंपतपुर, रूपपुर, कमथरी, समैचीपुर और पैलानी दक्षिण शामिल हैं। कटान तेज होने के कारण और मकान गिरने की आशंका है।
फोटो-2 गांव कटरी तौफीक में कटान करती गंगा। स्रोत: जागरूक पाठक