दो की मौत, 171 कोरोना की चपेट में
फर्रुखाबाद। जनपद में शुक्रवार को आई कोरोना जांच रिपोर्ट में सर्वाधिक 108 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसमें लोहिया अस्पताल के डॉक्टर, नर्स, सीएमओ आफिस के कर्मचारी भी शामिल हैं। वहीं कालेज प्रबंधक की पत्नी व व्यापारी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
लोहिया अस्पताल में एंटीजन किट से हुई जांच में 37 जबकि कमालगंज में 26 लोग संक्रमित पाए गए। इस तरह जिले में कुल 171 लोग कोरोना की चपेट में हैं। जनपद में अब तक 5453 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 4732 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं, जबकि 100 मरीज जान गवां चुके हैं। जिले में अभी 623 केस अभी एक्टिव हैं।
कायमगंज निवासी संक्रमित टेंट हाउस मालिक (57) की सैफई अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। फतेहगढ़ के भोलेपुर निवासी बद्रीविशाल डिग्री कालेज के प्रबंधक, उनकी पत्नी व बेटी की 13 अप्रैल कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। पत्नी की सैफई अस्पताल में गुरुवार रात मौत हो गई।
इसके अलावा जांच रिपोर्ट में लोहिया अस्पताल के डॉक्टर, टीकाकरण में लगी स्टाफ नर्स, कैंपस निवासी युवक, सीएमओ आफिस का कर्मचारी, कोआपरेटिव बैंक के दो कर्मचारी, थाना कमालगंज की महिला व बालिका, सीएचसी का स्वास्थ्य कर्मी, सीएचसी मोहम्मदाबाद की महिला कर्मी व फतेहगढ़ की चूड़ी वाली गली निवासी गैस एजेंसी मालिक संक्रमित मिले हैं।
मोहल्ला खतराना निवासी दो वृद्ध, छपट्टी सधवाड़ा निवासी युवक, खतराना स्ट्रीट निवासी महिला, रेलवे रोड निवासी दो अधेड़, आवास विकास कालोनी निवासी वृद्ध, दो महिला, शिवाजीनगर निवासी किशोर, चंदनपुर निवासी महिला, सेनापति निवासी अधेड़, युवक, सियानगर निवासी युवक, बीबीगंज निवासी युवक, बजरिया सालिगराम निवासी महिला, गंगानगर निवासी युवती, फतेहगढ़ के मोहल्ला अपर दुर्गा कालोनी निवासी महिला, जेएनवी रोड निवासी महिला, भोलेपुर निवासी किशोरी, महिला, तीन युवक सहित जिले में कुल 108 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
कायमगंज में चार दिन में कोरोना से दूसरी मौत
कायमगंज। मोहल्ला नुनहाई निवासी 57 वर्षीय टेंट हाउस मालिक 10 अप्रैल को कोरोना संक्रमित मिले थे। उन्हें एल-2 अस्पताल फतेहगढ़ में भर्ती कराया गया था। वहां से उन्हें सैफई भेज दिया गया। वहां इलाज के दौरान मौत हो गईॉ। 13 अप्रैल को गांव कलाखेल निवासी 55 वर्षीय संक्रमित शिक्षक की कानपुर में मौत हो गई थी।
चार दिन में क्षेत्र के दो लोगों की कोरोना से मौत होने से लोग भयभीत है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने मेडिकल स्टोर से खांसी, जुकाम, बुखार की दवा लेने वाले मरीजों का डाटा लेकर सीएचसी पर उनकी जांच शुरू कर दी है। डॉ.गौरव मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को 13 लोगों का डाटा लिया गया। इसमें सात लोगों के सीएचसी पर नमूने लिए गए हैं।
लोहिया अस्पताल में 261 नमूनों में 37 पॉजिटिव
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के आयुष विंग में कोरोना नमूने लिए जा रहे हैं। यहां एंटीजन और आरटी पीसीआर के नमूने लिए जा रहे हैं। जांच केंद्र पर शुक्रवार को 261 नमूने लिए गए। इसमें से एंटीजन जांच में 37 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले। सुबह करीब साढ़े 10 बजे एंटीजन किटें खत्म हो गईं।
इस दौरान स्वास्थ्य स्टाफ ने आरटी पीसीआर नमूना लेना शुरू कर दिया। आरटी पीसीआर की रिपोर्ट तीसरे दिन आएगी। एंटीजन किटें खत्म होने से बाहर जाने वाले लोगों को काफी देर इंतजार करना पड़ा। हालांकि बाद में जांच करके उनकी रिपोर्ट बनाकर दे दी गई।
169 लोगों की जांच, 26 संक्रमित निकले
कमालगंज। रानूखेड़ा में दो भाइयों की मौत के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंच कर कोरोना के लक्षण वाले 97 लोगों की जांच की। इसमें 11 लोग संक्रमित निकले। दोनों भाइयों के तीन परिजन भी संक्रमित पाए गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने पहुंचे 72 लोगों में 15 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
जहानगंज पीएचसी में तैनात 60 वर्षीय एएनएम, बीआरसी में तैनात शास्त्री नगर निवासी 33 वर्षीय सेवक, जहानगंज निवासी 31 वर्षीय अनुदेशक, सहकारी समिति में तैनात 50 वर्षीय कर्मी ने कोरोना वायरस की जांच कराई तो इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लैब टेक्नीशियन राजीव कटियार ने बताया कि सीएचसी पर 72 लोगों की जांच की गई। इसमें 15 लोगों की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
तीन मोहल्लों में कंटेनमेंट जोन, चार गली सील
कमालगंज। कस्बे में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से संबंधित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाने की मांग उठ रही थी। इसको देखते हुए नगर पंचायत कर्मचारियों ने शुक्रवार शाम मोहल्ला शास्त्री नगर में पांडेय वाली गली व स्वराज स्कूल वाली गली, प्रताप नगर मोहल्ले में एक गली व गांधी नगर मोहल्ले में हलवाई की दुकान के पास गली में बल्ली बांध दीं।
कर्मचारियों ने लोगों को बेवजह घर से न निकलने की सलाह दी। शुक्रवार को सीएचसी के मुख्य गेट पर कुर्सी व मेज रखकर बैरिकेडिंग बनाई गई। वहीं लोगों की जांच की गई। डॉ. विकास पटेल ने कमरे की खिड़की से बाहर खड़े मरीजों को देख उनका इलाज किया।