कायमगंज (फर्रुखाबाद)। गांव शिवरई मठ स्थित प्राचीन खान बाबा मजार जो वर्षों से कौमी एकता का प्रतीक रही है, लेकिन अब विवाद का केंद्र बन गई है। मजार पर मुस्लिम पक्ष की ओर से बोर्ड और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को लेकर तनाव उत्पन्न हो गया। बृहस्पतिवार सुबह बोर्ड और कैमरों को हटवाने के लिए 150 से 200 ग्रामीण मजार पर पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
यहां ग्रामीणों ने प्रशासनिक अफसरों को बताया कि यह स्थान सभी समुदायों की आस्था का केंद्र रहा है, जहां वर्षों से दोनों पक्ष स्वतंत्र रूप से पूजा और कार्यक्रम करते आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब मजार को ताला लगाकर उसकी चाबी मस्जिद के इमाम शाबान अख्तर को सौंप दी गई है।
बृहस्पतिवार सुबह ताला देर से खुलने पर विवाद और अधिक बढ़ गया। ग्रामीणों ने ताला खुला रखने, उर्दू में लिखे टाइल्स, बोर्ड और लगाए गए कैमरों को हटाने की मांग की। देखते ही देखते कुछ ही देर में करीब 150 से 200 ग्रामीण पहुंच गए।
स्थिति को बिगड़ते देख तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर, सीओ राजेश कुमार द्विवेदी और प्रभारी निरीक्षक अनुराग मिश्रा तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए प्रशासन ने मजार पर चल रहे नए निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं।
उधर, ग्रामीणों ने पास की मस्जिद में हो रहे निर्माण को भी रोकने की मांग की, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मस्जिद का मजार से कोई संबंध नहीं है।
तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर और सीओ राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि फिलहाल स्थित सामान्य है। दोनों पक्षों को शनिवार को थाना समाधान दिवस में बुलाया गया है, जहां मामले का समाधान आपसी संवाद से खोजने का प्रयास किया जाएगा। सभी लोगों से यथास्थिति बनाए रखने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
कुछ दिन पूर्व मजार के पास हुई थी तोड़फोड़
पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पूर्व मजार के पास अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ कर दी थी। इससे स्थिति तनाव पूर्ण हो गई थी। इसे देखते हुए मजार में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए थे।