फर्रुखाबाद। खेत में जानवर चले जाने को लेकर हुए विवाद में लाठी-डंडों से पिटाई से युवक की मौत के मामले में अदालत ने दो भाइयों व उनके भतीजे को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने दोषी विश्राम सिंह यादव, जगराम और जसवीर उर्फ कारे पर 51-51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
थाना अमृतपुर के गांव हमीरपुर निवासी लालाराम कठेरिया ने 10 अप्रैल 2016 को थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि घटना से दो-तीन दिन पहले उसके जानवर गांव के महेंद्र सिंह यादव के खेत में चले गए थे। इसी बात को लेकर 10 अप्रैल की सुबह करीब नौ बजे महेंद्र सिंह यादव, उसके भाई जगराम, विश्राम सिंह यादव और भतीजे जसवीर उर्फ कारे खेत पर पहुंचे और उसके बेटे मोरपाल को बुलाकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर चारों ने लाठी-डंडों से मोरपाल की पिटाई शुरू कर दी।
शोर सुनकर मोरपाल को बचाने उसकी बहन रेनू तथा रामदेव और संतोष पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की। घटना में मोरपाल के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि रेनू, रामदेव और संतोष को भी चोटें लगीं।
गंभीर रूप से घायल मोरपाल की कानपुर हैलट अस्पताल में 27 अप्रैल 2016 को मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने 304 आईपीसी तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई। चारों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी महेंद्र सिंह यादव की मृत्यु हो गई। इसके चलते 19 अप्रैल 2023 को उसके विरुद्ध कार्यवाही उपशमित कर दी गई। इसके बाद विश्राम सिंह यादव, उसके भाई जगराम और भतीजे जसवीर उर्फ कारे के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रही। अदालत ने तीनों को 25 अगस्त को दोषी करार दिया था।