फर्रुखाबाद। गैंगस्टर एक्ट से जुड़े 23 वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने सुनवाई पूरी करते हुए दो अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अदालत ने दोषियों को छह वर्ष की सजा सुनाई। दोनों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर दोषियों को दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।
थाना शमसाबाद के तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रवेश चंद्र ने दो जुलाई 2002 को प्रदीप, राजपाल उर्फ राजू और दामोदर निवासीगण ग्राम रमापुर जसू के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि गांव बेला सराय स्थित मथन्नी पंडित के बाग में हत्या और हत्या के प्रयास के आरोपी बैठे हैं। यह लोग लंबे समय से संगठित आपराधिक गैंग चलाते हैं। आर्थिक लाभ और क्षेत्र में दबंगई कायम करने का काम करते हैं। इनके आतंक के कारण लोग इनके खिलाफ शिकायत या गवाही देने से डरते हैं।
थाना पुलिस ने जांच के बाद तीनों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलें और गवाह व सबूतों के आधार पर प्रदीप, राजपाल उर्फ राजू व दामोदर को दोषी ठहराया।