फोटो- 23 खुला पड़ा भीकमपुरा नाला। संवाद
- फोटो : राम कथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार
फर्रुखाबाद। नाले में गिरने से पांच माह में दो मौत हो चुकी हैं। इसके बावजूद नगर पालिका सबक नहीं ले रही है। गंगानगर में 200 मीटर नाले को छोड़कर किसी भी नाले पर सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है। कोहरे के दौरान खुले नाले हादसों की वजह बन सकते हैं।
11 जुलाई की शाम मोहल्ला गढ़ी खां जमा खां निवासी अल्ताफ (30) नाले किनारे पन्नी बीनते समय तकिया नसरत शाह स्थित रहमानी मस्जिद के पास नाले में गिर गया था। रात भर खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। सुबह के समय नाले के बहाव की ओर 100 मीटर दूरी पर शव मिला। अक्तूबर में लालगेट पर तलैया फजल इमाम से आने वाले नाले की पुलिया पर भी सुरक्षा दीवार नहीं थी। रात के वक्त बाइक सवार वाहन समेत नाले में जा गिरा था। गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने कूदकर रस्सी के सहारे बाइक समेत उसे निकाल लिया था। हालांकि इसके बाद यहां पुलिया के किनारे दीवार बनाई गई। अब बुधवार को पल्लेदार की नाले में गिरकर मौत हो गई।
शहर के बड़े नालों में शुमार तलैया फजल इमाम, लालगेट, गंगानगर, कछियाना, अंगूरीबाग, जटवारा जदीद, तकिया नसरत शाह, सलावत खां जाने वाले में से सिर्फ गंगानगर में करीब 200 मीटर हिस्से पर सुरक्षा दीवार बनी है। रेलवे स्टेशन से भीकमपुरा, बीबीगंज जाने वाले नाले का अधिकांश हिस्सा कच्चा है। जिन स्थानों पर पक्का है वहां भी सुरक्षा दीवार नहीं है। फतेहगढ़ के दोनों नालों का भी यही हाल है। बारिश ही नहीं सामान्य दिनों में पानी का तेज बहाव रहता है। मवेशी ही नहीं लोग भी आए दिन नालों में गिरने से दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
नाले ढकने के लिए पालिका के पास बजट नहीं
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पालिका के पास इतना बजट नहीं है कि सभी नालों को ढका जा सके। हालांकि इसके लिए प्रस्ताव पास हो गया है। बजट मिलते ही नाले ढकवाए जाएंगे। अब जो भी नए नाले बनेंगे वह जरूर ढके जाएंगे। पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने बताया कि जिस स्थान पर पल्लेदार गिरा था वहां नाले की गहराई महज दो फीट है। उसे बंद नहीं कराया जा सकता है। नशे में होने की वजह से वह नाले में गिरा था। खुले हुए नालों को बंद कराने की प्रक्रिया चल रही है।