फर्रुखाबाद। युवक की गोली मारकर हत्या करने में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अभिनितम उपाध्याय ने अनिल यादव को दोषी ठहराया। जबकि दूसरे प्रवीण को नाजायज हथियार रखने में दोषी करार दिया।
दोनों दोषियों को 23 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने छह आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला रकाबगंज निवासी शारदा पत्नी सुभाष गिहार ने पुत्र की गोली मारकर हत्या करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि 27 सितंबर 2021 की दोपहर पुत्र शिवा उधारी के रुपये लेने दिलदार निवासी मोहल्ला ढुइयां के घर गया था। दिलदार के न मिलने पर शिवा घर लौट रहा था। चुंगी के पास पहुंचने पर आरोपी मिल गए। शिवा ने अपने मोबाइल से दोस्त राजा को फोन किया। राजा और अनूप स्कूटी से मौके पर पुहंचे।
इसी दौरान अजय व सुशील पुत्रगण सुरेश निवासी रकाबगंज और अनिल यादव निवासी अमिलापुर ने सुरेश गिहार के कहने पर शिवा पर तमंचों से फायर कर दिया। वहीं प्रदीप, शनी पुत्रगण लालाराम, अनुज पुत्र अनिल व सोनू पुत्र रमेश ने भी फायरिंग की।
गोली लगने से शिवा की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने अजय, सुशील, अनिल यादव, सुरेश गिहार, प्रदीप, शनि, अनुज व सोनू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की।
विवेचक ने अनिल यादव, शीलू यादव व विवेचना के दौरान प्रकाश में आए प्रवीण उर्फ नन्हें के खिलाफ हत्या के मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों को तलब कर लिया। सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
गवाह व सबूतों को मद्देनजर रखते हुए अनिल यादव को हत्या व प्रवीण उर्फ नन्हें यादव को नाजायज हथियार रखने के मामले में दोषी ठहराया। दोषियों को 23 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। साक्ष्य न मिलने के अभाव में अन्य आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।