मंगलवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। आसमान से आग बरसती रही। दोपहर के समय
आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाएं चेहरे पर आग केे गोले की
तरह लगती रहीं। दोपहर को सड़कों पर सुबह शाम की तुलना में भीड़ कम नजर आई।
विकट गर्मी से आदमी, पक्षी और मवेशी सभी बेहाल हैं।
पारा दिनोंदिन चढ़
रहा है। मंगलवार को पारा 43.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आर्द्रता
31 फीसदी रही। दोपहर में चली लू से आम जनजीवन बेहाल बना रहा। लोग स्टोल,
गमछा, छाता लगाकर धूप से बचाव करने की कोशिश करते दिखे। कुछ ही दूर चलने पर
प्यास से गला चटखने लगता था। भोलेपुर के राघवेंद्र, कुमुद, नेकपुर की
साधना, दिव्यांशी का कहना था कि मई में धूप का यह हाल है तो आगे क्या होगा।
मकानों के तपने से पंखे भी गर्म हवा दे रहे हैं। ऐसे में बिजली की
कटौती
से लोग मुश्किल में आ जाते हैं। रात में बिजली कटौती होती है। दिन में तपिश
और रात को गर्मी जीना मुहाल किए हुए है। कड़क धूप और लू से हीट
स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। इस गर्मी में एहतियात न बरती गई तो जान पर
खतरा बन सकता है। इंसानों के साथ ही मवेशियों के लिए भी हीट स्ट्रोक
मुश्किल खड़ी कर सकता है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि यह मौसम मवेशियों
के लिए भी संवेदनशील है।
क्या कहते हैं पशु चिकित्सक
मुख्य
पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कुमार का कहना है कि मवेशियों को छायादार
जगहों पर बांधें। दोपहर में पशुओं को नहलाना नहीं चाहिए। इन्हें दिन में कई
बार पानी पिलाएं। धूप में पशुओं को चराने के लिए नहीं ले जाना चाहिए।
इन्हें भूखा न रखें। मवेशी के तेज संासे लेने या लार गिराने पर तुरंत
चिकित्सक को दिखाएं।
धूप से आकर न पीयें ठंडा पानी
फिजीशियन
डा. केएम द्विवेदी का कहना है कि धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी नहीं पीना
चाहिए। बासी खाना और खुले में बिकने वालाें फलाें व दूसरी चीजों को खाने से
परहेज करें। तेज धूप में सिर ढककर निकलें। खूब पानी पीयें। घर से खाली पेट
न निकलें। रात को पूरी नींद लें। उल्टियां आने पर डाक्टर से परामर्श लें।