शमसाबादप में संदिग्ध हालात में ब्लाक क्षेत्र के गांव पहाड़पुर बैरागर में
पांच घरों में आग लग गई। ग्रामीणों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर
काबू पाया। इस अग्निकांड में नगदी, जेवरात व घरेलू सामान जलने से लाखों
रुपये का नुकसान हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर लेखपाल मौके पर पहुंचे।
गांव
पहाड़पुर बैरागर निवासी जयलाल के बेटे की बारात 20 मई को कन्नौज जानी है।
जयलाल के यहां शादी की तैयारियां चल रही हैं। सोमवार को जयलाल परिजनों के
साथ बैठक में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अंदर वाले कमरे में आग की लपटें
देख परिजन शोर मचाते हुए घर के बाहर दौड़ पड़े। हवा चलने से आग ने पड़ोसी
लालाराम, संजय कुमार, श्रवण कुमार
और राजू के घरों को भी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों के पास फायर ब्रिगेड का नंबर न होने से सूचना दमकल कर्मियों को
नहीं दी जा सकी। पंपसेट और हैंडपंपों से पानी भर-भरकर ग्रामीणों ने आग
बुझाना शुरू कर दी। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा
सका। तब तक पीड़ितों का काफी नुकसान हो चुका था। इस अग्निकांड में जयलाल की
60 हजार की नगदी, सोने-चांदी के जेवरात, राशन व घरेलू सामान, लालाराम की
डेढ़ क्विंटल सरसों, दो
क्विंटल गेहूं, 10 हजार की नगदी, घरेलू सामान, संजय
कुमार की 5500 की नगदी, 10 बोरा प्याज, घरेलू सामान, श्रवण कुमार की 16
हजार की नगदी, घरेलू सामान जल गया। वहीं मकान का लेंटर भी चटक गया। राजू ने
बताया कि उसका सारा घरेलू सामान जल गया। घटना की जानकारी मिलने पर लेखपाल
रवींद्र सगर मौके पर आए। अग्निपीड़ितों ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता
दिलवाए जाने की मांग की है।
...अब रस्म अदायगी कर लाएंगे बहू
बड़े ही धूमधाम से बेटे की बारात ले जाने की तैयारी कर रखी थी। अरमान थे
कि बेटे की बारात में कोई कमी नहीं रखेंगे। आग ने सारे अरमान जला दिए। यह
कहना था अग्निपीड़ित जयलाल का। जयलाल ने बताया कि उनके पुत्र पुत्र
प्रेम सिंह की बारात 20 मई को जौंरा खेरे कन्नौज जानी है। बारात की
तैयारियों में लगे थे। नाते-रिश्तेदार भी घर आए हुए हैं। बहू
के लिए 50
हजार रुपये के जेवरात बनवाए थे। वहीं अन्य खर्चों के लिए 60 हजार रुपये अलग
से रख रखे थे। यह सोचा था कि बेटे की बारात में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।
लेकिन अग्निकांड ने घर में बजने वाली शहनाई की धुन पर पानी फेर दिया।
अग्निकांड से बहू के लिए बनवाए गए जेवर के अलावा नगदी, घरेलू सामान व गल्ला
तक जल गया। अब रस्म अदायगी कर बहू को विदा कराकर घर लाएंगे।