मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जीआरपी थानाध्यक्ष को टीटी और सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है। इसमें ट्रेन में सफर के दौरान वकील से अभद्रता करना और एक अन्य यात्री से दो हजार रुपये लेकर उसको 720 रुपये की जुर्माना रसीद देने के बाद 1280 रुपये हड़प लेने का आरोप लगाया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला राजीव गांधी नगर निवासी वकील आशीष कुमार तिवारी ने रेलवे स्टेशन अनवरगंज के टीटी संजीव कुमार पाठक, जीआरपी सिपाही सतेंद्र सिंह के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। इसमें कहा कि 25 अगस्त 2017 को सुबह अनवरगंज कानपुर गया था। उसी दिन शाम साढ़े पांच बजे कालिंदी एक्सप्रेस से आने के लिए टिकट ली। लेट चल रही छपरा एक्सप्रेस तभी प्लेटफार्म पर आ गई। टिकट लेकर वह छपरा एक्सप्रेस ट्रेन में बैठ गया। इसी डिब्बे में मोहल्ले की रोली शुक्ला पत्नी कमलेश शुक्ला व अन्य लोग फर्रुखाबाद के बैठ गए। तभी एक सिपाही के साथ बिना यूनिफार्म में आया एक टीटी ट्रेन में सभी की टिकट चेक करने लगा।
रोली शुक्ला से टिकट मांगी। उसके पास कालिंदी एक्सप्रेस की टिकट थी। छपरा सुपरफास्ट ट्रेन होने से 1220 रुपये टीटी ने रोली शुक्ला से जुर्माना मांगा। यह न देने पर पांच सौ रुपये रिश्वत देने को कहा। यह देखकर टीटी का उसने विरोध किया तो वह नाराज हो गया। जब अधिवक्ता होने का परिचय दिया तो टीटी व सिपाही अभद्र भाषा इस्तेमाल करने लगे।
रोली शुक्ला ने दो हजार रुपये जुर्माना रसीद कटवाने को टीटी को दिए। टीटी ने 720 की रसीद काट कर दी। बकाया रुपये मांगे तो रुक कर लेने की बात कही। टीटी और सिपाही डिब्बे में टिकट चेक करते हुए चले गए और 1280 रुपये वापस नहीं किए। दोनों लोगों ने 1280 रुपये हड़प लिए। याचिका पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने जीआरपी थानाध्यक्ष को दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है।