फर्रुखाबाद। जिले के 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर लगे आरोग्य मेलों में कई जगह अव्यवस्थाएं रहीं। डॉक्टरों के न आने से कहीं फार्मासिस्ट ने मरीज देखे तो अधिकांश अस्पतालों में आयुष चिकित्सकों ने ही मरीजों का उपचार किया। सबसे ज्यादा मरीज खांसी, बुखार और पेट की बीमारी के आए। हालांकि कुछ जगह डॉक्टर मरीजों का इंतजार करते रहे।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इस मंशा से सरकार रविवार को आरोग्य मेले लगवा रही है। जिले में शहर के चार और ग्रामीण क्षेत्र के 28 पीएचसी पर रविवार को आरोग्य मेला लगा। फतेहगढ़ पीएचसी भोलेपुर में दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगी थी, लेकिन एक भी नहीं पहुंचा।
डॉ. स्मिता शाक्य प्रसूति अवकाश पर हैं, जबकि डॉ. संध्या वर्मा ड्यूटी पर नहीं आईं। दोपहर 1:30 बजे तक फार्मासिस्ट अखिलेश ने 22 मरीजों को देखकर दवाएं दीं। इनमें अधिकांश मरीज खांसी, बुखार और पेट दर्द से पीड़ित थे। एलटी विनय कुमार ने 10 मरीजों की जांच की। सीएचओ अंजली, स्टाफ नर्स विजय लक्ष्मी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं। शहर की नौलक्खा पीएचसी पर पहुंचे खांसी-बुखार के मात्र सात मरीजों को डॉ. नवनीत गुप्ता ने देखकर दवा दी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोशनाबाद में 11:30 बजे तक तीन मरीज ही पहुंचे। डॉ. स्मिता त्रिपाठी और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के इंतजार में बैठे रहे। पीएचसी पसियापुर में दोपहर 12 बजे तक दो मरीज ही पहुंचे। डॉ. रूपेश ने मरीजों को देखकर दवा दी। सीएचओ अलका 11:10 बजे पहुंचीं, जबकि एएनएम अन्नपूर्णा गैरहाजिर रहीं। एलटी की तैनाती न होने अस्पताल में कोई भी जांच नहीं होती है। अस्पताल में पंखे तक नहीं लगे हैं। इससे कर्मचारी हाथ वाला पंखा चलाते नजर आए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि 10 किलोमीटर दूर ड्यूटी लगाई गई है। इससे आने में दिक्कत होती है। (संवाद)
क्षेत्र के पीएचसी फैजबाग में मरीजों की भीड़ रही। डॉ. कल्पना कटियार ने दोपहर 1:30 बजे तक 63 मरीज देखे। इनमें अधिकांश मरीज पेट दर्द व खुजली के थे। फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने मरीजों को दवा दी, जबकि एलटी लोकेंद्र ने जरूरत के अनुसार जांच की। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि ड्यूटी लगाने में पक्षपात किया जा रहा है। पास-पड़ोस की आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। उन लोगों को दूर से बुलाया जा रहा है। (संवाद)
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोलेपुर में मरीज देखते फार्मासिस्ट अखिलेश। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD