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सामग्री का टोटा होने से जुगाड़ के भरोसे बिजली

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विद्युत निगम के स्टोर में रखे ट्रांसफार्मर। - फोटो : FARRUKHABAD
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बिजली सामग्री का टोटा, जुगाड़ का सहारा
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फर्रुखाबाद। विद्युत वितरण निगम के स्टोर में लाइन के रखरखाव की सामग्री न होने से जिले की बिजली व्यवस्था जुगाड़ से चल रही है। जुलाई 2020 से 33 व 11 केवी के केबल बॉक्स सप्लाई का ठेका नहीं हुआ है। केबल बॉक्स खराब होने पर उनको अक्सर जुगाड़ से चालू कर दिया जाता है। इससे वे बार-बार खराब होते और ग्रामीण इलाकों की बिजली अक्सर गुल रहती है।
जिले की बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए लाइनों व उपकेंद्रों का रखरखाव बहुत जरूरी है। इसके लिए विभिन्न प्रकार की सामग्री की आवश्यकता होती है। निगम के स्टोर में सामग्री न होने से अवर अभियंताओं को रखरखाव के लिए उपलब्ध नहीं होती है। विद्युत उपकेंद्रों पर 33 व 11 केवी के केबल बॉक्स अक्सर खराब होते हैं। शनिवार रात जसमई विद्युत उपकेंद्र का 33केवी का केबल बॉक्स खराब हो गया। इससे 12 मोहल्लों की बिजली गुल हो गई थी।
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15 दिन पूर्व सिवारा व कंपिल विद्युत उपकेंद्र का 33 केवी का केबल बॉक्स दो बार खराब हुआ। इससे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दो-दो दिन बंद रही। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में कुछ जगह 11 केवी के केबल बॉक्स खराब होने से बिजली ठप रही। निगम के स्टोर में 33 व 11 केवी के केबल बॉक्स न होने से अवर अभियंताओं ने जुगाड़ से उनको ठीक किया और बिजली चालू की।
इसके अतिरिक्त स्टोर में अन्य छोटी-छोटी सामग्री भी नहीं है। इसके अभाव में लाइन का रखरखाव न होने से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की बिजली लाइन बदहाल हो रही है। गंगापार क्षेत्र की 33 व 11 केवी की लाइनों का रखरखाव न होने से अक्सर फाल्ट आते हैं और गांवों की बिजली गुल हो जाती है।
स्टोर में यह नहीं है सामग्री
पिन इंसुलेटर, डिस इंसुलेटर, 33 व 11 केवी के केबल बॉक्स, पोल पर लगाए जाने वाले टॉप ड्रापर, टी ऑफ, 11 व 13 मीटर वाले लोहे के पोल।
एक माह से खराब पड़ी वीसीबी
हजियांपुर विद्युत उपकेंद्र पर निजी नलकूप संचालकों के लिए सेपरेट फीडर बना है। इसकी वीसीबी 3 दिसंबर 2020 को खराब हो गई थी। नई वीसीबी निगम के स्टोर में न होने पर नहीं बदल सकी। तीन दिन किसानों को बिजली नसीब नहीं हुई। एसडीओ नवाबगंज ने उच्च अधिकारियों को तीन बार पत्र लिखा। इसके बावजूद वीसीबी न आने से ग्रामीण फीडर से सेपरेट फीडर को जोड़कर किसानों को बिजली दी जा रही है।
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क्या कहते जिम्मेदार
‘समय-समय पर सामग्री के लिए मांग पत्र उच्च अधिकारियों को भेजा जाता है। कुछ सामग्री नहीं आ रही है। इससे दिक्कत हो रही है। जो सामग्री स्टोर में नहीं है, उसका मांगपत्र दोबारा भेजा गया है।’ -विमल सागर, स्टोर प्रभारी भोलेपुर बेवर रोड
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