सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के चटर्जी परेड ग्राउंड में 111 रिक्रूटों ने देश की
आन, बान और शान की रक्षा की शपथ ली। परेड का नेतृत्व रिक्रूट हरप्रीत सिंह
ने किया। सिखलाई रेजीमेंट के चटर्जी परेड मैदान पर शनिवार को नजारा कुछ
अलग ही था। बदन पर हरी वर्दी, सिर पर केसरिया साफा पहने जवान सीना ताने और
कदम मिलाते हुए परेड मैदान पर आए तो लोग इनके
अनुशासन को देखकर ताली बजाए
बिना नहीं रह सके। मैदान पर डिप्टी कमाडेंट कर्नल संदीप चौधरी ने परेड का
निरीक्षण किया। इसके बाद परेड मार्च पास्ट करते हुए सलामी मंच के सामने से
गुजरी। सधे कदमों से गुजरते जवानों ने ट्रेनिंग के दौरान किए अभ्यास को
सार्थक कर दिखाया। कर्नल संदीप चौधरी ने परेड को संबोधित करते हुए कहा कि
रेजीमेंट का सुनहरा
इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि रेजीमेंट को वीर,
बहादुर, पराक्रमी और प्रशिक्षित जवानों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि
देश के आंतरिक हालातों को काबू करने से लेकर सरहद की हिफाजत करने से हमारे
जवान पीछे नहीं हटते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि बलिदान
रेजीमेंट की परंपरा रही है। एडज्यूडेंट ने मैदान पर जवानों को देश सेवा की
शपथ दिलाई। ट्रेनिंग
के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूटों को
समीक्षा अधिकारी ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। ड्रिल में वेस्ट गुरविंदर
सिंह, पीटी में बलविंदर सिंह, फायरिंग में गुर्जर सिंह, और ओवरआल वेस्ट के
लिए मनदीप सिंह को चुना गया। परेड देखने के लिए रिक्रूटों के परिजन भी
मैदान पर मौजूद थे। पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह के द्वारा शुरू
किए गौरव पदक के तहत कर्नल संदीप चौधरी ने परेड में शामिल जवानों के
परिजनों को गौरव पदक देकर सम्मानित किया।