रामगंगा और गंगा का जलस्तर फिर बढ़ गया है। इससे ब्लाक शमसाबाद और तहसील
अमृतपुर क्षेत्र में कई गांवों में कटान शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों की
धड़कनें फिर से बढ़ गई हैं। अमृतपुर तहसील के गांव कोलासोता और अलादपुर
भटौली में रामगंगा नदी के प्रवाह से ग्रामीणों के खेत कटने लगे हैं। बाढ़
को लेकर रात में ग्रामीण जागने को मजबूर हैं।
कटरी तौफीक में गांव के पास पहुंचीं गंगा
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों ने पलायन करना शुरू कर दिया है।
गांव कटरी तौफीक में ग्रामीण झोपड़ी तोड़कर सड़क किनारे आकर बस गए हैं। खेत
भी कटने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर कम न हुआ तो पक्के मकान
भी मजबूरी में तोड़ेंगे।
दो-तीन दिन से गंगा का जलस्तर स्थिर था।
शुक्रवार रात एकाएक गंगा का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि नदी गांव से
बमुश्किल एक मीटर की दूरी पर रह गई है। बाढ़ के चलते ग्रामीणों ने
झोपड़ियों को हटाना शुरू कर दिया है। किरन देवी पत्नी गिरीशचंद्र और मनोज
कुमार झोपड़ी हटाकर प्रसादी की मढ़ैया में सड़क किनारे डालकर रहने लगे हैं।
अखिलेश का पांच
बीघा खेत भी कट गया। महेश सिंह के खेत किनारे गंगा की धार
चल रही है। महेश सिंह ने बताया कि खेत में घुइया की फसल है। शाम तक खेत
बाढ़ से कट सकता है। राम सिंह, पातीराम और रामसनेही आदि ग्रामीणों का कहना
है कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो मजबूरी में वह लोग भी अपने पक्के मकान
तोड़कर पलायन करने को मजबूर होंगे।
बढ़ रही नदी, उड़ रही रात की नींद
रामगंगा का जलस्तर एकाएक तेजी से बढ़ने से ग्राम सभा अलादपुर भटौली और
कोलासोता में खेतों का कटान शुरू हो गया है। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण
भयभीत हैं। ग्रामीणों ने शुक्रवार को रात जागकर गुजारी। ग्रामीणों का कहना
है कि जलस्तर कम न हुआ तो पलायन करने को मजबूर होंगे।
शुक्रवार की रात
से रामगंगा का जलस्तर एकाएक तेजी से बढ़ने लगा। अलादपुर भटौली में सप्पू
चौहान, झब्बूलाल, शिवप्रताप, सत्यनरायन, शिवमंगल, कृष्णपाल, बलवीर, नेकसे
के खेत कटने लगे हैं। शिवरतन ने कहा कि गांव से मात्र पांच मीटर दूर
रामगंगा बह रही हैं। रात में जाग रहे हैं। कभी भी गांव का कटान शुरू हो
सकता है। मोरपाल का कहना है कि
जिला प्रशासन ने गांव खाली करने के निर्देश
तो दिलवा दिए। लेकिन रहने के लिए कोई जगह आवंटित नहीं की।
उधर,
कोलासोता में भी रामगंगा नदी कटान कर रही है। उदयपाल, जगदीश, सुखपाल,
मुन्नू, शंकरबख्श, जयपाल सिंह,
अजीत कुमार ने बताया कि उनके खेत कटने लगे
हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह कटान होता रहा तो गांव का कटान भी शुरू हो
जाएगा। कहा कि बाढ़ की आशंका के चलते रात में जागने की मजबूरी हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन से कई बार बाढ़ से निपटने के इंतजाम
की मांग की गई। समस्या का समाधान आज तक नहीं किया गया।
ऐसे घट-बढ़ रहीं नदियां (जल स्तर मीटर में )
तारीख गंगा रामगंगा
19 जुलाई 135.55 135.45
20 जुलाई 136.65 135.75
21 जुलाई 135.75 135.75
22 जुलाई 135.75 235.75
23 जुलाई 135.75 135.30
24 जुलाई 135.80 135.20
25जुलाई 136.00 135.30
नरौरा से गंगा में छोड़ा गया पानी
25 जुलाई -- 49532 क्यूसेक
24 जुलाई -- 49152 क्यूसेक
23 जुलाई -- 51980 क्यूसेक