फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना बिजली जर्जर भवनों में आज से पढ़ाई

Tue, 31 Mar 2015 11:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
1 अप्रैल से परिषदीय विद्यालयों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगी लेकिन विकास खंड क्षेत्र कमालगंज और शमसाबाद के परिषदीय विद्यालयों में अव्यवस्थाएं हावी हैं। कहीं बिजली के कनेक्शन नहीं हैं तो कहीं बाउंड्रीवाल टूटी पड़ी है। स्कूल भवन भी जर्जर पड़े हैं। जबकि नए सत्र के लिए तैयारियां करने के आदेश प्रधानाध्यापकों को बीएसए ने पहले ही दे दिए थे। ऐसा कुछ भी स्कूलों में दिखाई नहीं दिया। सब कुछ पुराने ढर्रे पर ही है। पेश है अमर उजाला की परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल करती रपट-
विज्ञापन


शौचालय व विद्यालय भवन जर्जर
मोहम्मदाबाद की कन्या प्राइमरी पाठशाला, मौधा में मंगलवार को सहायक अध्यापिका अनुपमा सिंह और शिक्षामित्र विनीता यादव मौजूद थीं। यहां शौचालय का दरवाजा टूटा पड़ा था। विद्यालय का भवन भी जर्जर था। सहायक अध्यापिका ने बताया कि अतिरिक्त कक्षा कक्ष में कक्षाएं लगा रही हैं। बाउंड्रीवाल भी नहीं बनी है। बिजली कनेक्शन भी नहीं है। विद्यालय में हैंडपंप

भी नहीं  है। उच्च प्राथमिक विद्यालय, मौधा बंद था। इस स्कूल में बिजली कनेक्शन है नहीं। शौचालय में भी ताला पड़ा था। प्राइमरी पाठशाला मौधा भी बंद थी। नोटिस बोर्ड पर प्रधानाध्यापिका प्रभा यादव सूचना अंकित कर फतेहगढ़ गई थीं। इस स्कूल में शौचालय है। बिजली कनेक्शन नहीं है। स्कूल में गेट लगा हुआ है। बाउंड्रीवाल भी बनी हुई है।
विज्ञापन


भवन जर्जर, पड़ोस के स्कूल में पढ़ते बच्चे
शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र के गांव बैरमपुर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन जर्जर अवस्था में पड़ा है। यहां के प्रधानाध्यापक अश्वनी गंगवार ने बताया कि स्कूल और यहां का शौचालय जर्जर है। बच्चों को पड़ोस में बने प्राथमिक विद्यालय में बैठाकर पढ़ाने को मजबूर हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैरमपुर में बिजली नहीं है। प्राथमिक विद्यालय भटपुरा में शौचालय जर्जर पड़े हैं।  स्कूल में पंखे लगाए गए हैं लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं है। सहायक अध्यापक अरशद खां ने

बताया कि शौचालय और कनेक्शन करवाए जाने की मांग कर चुके हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दुबरी में शौचालय जर्जर है। बिजली कनेक्शन है नहीं लेकिन पंखे लगे हैं। सहायक अध्यापिका विनीता राठौर ने कहा कि शौचालय को ठीक करवाए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि स्कूल में 57 बच्चे पंजीकृत हैं। 1 अप्रैल को घर-घर जाकर बच्चों का एडमिशन करवाए जाएंगे।

कनेक्शन है पर केबिल नहीं खींची गई
प्राथमिक विद्यालय आसमपुर में चार शौचालय बने हैं। इनमें से एक जर्जर पड़ा है। बिजली कनेक्शन है लेकिन अभी तक केबिल नहीं खींची गई है। बिजली फिटिंग है। हैंडपंप भी ठीक है। बच्चों के बैठने के लिए टाट-पट्टी पर्याप्त मात्रा में नहीं हैं। सहायक अध्यापक सत्यदेव वर्मा ने बताया कि केबिल खिंचवाने की मांग की जा चुकी है। पूर्व माध्यमिक नगला हूसा में भी बच्चों के बैठने के लिए टाट-पट्टी पर्याप्त नहीं हैं। हैंडपंप खराब पड़ा है। स्कूल में चारों तरफ गंदगी है। सहायक अध्यापक

महेशचंद्र अवस्थी ने बताया कि पर्याप्त टाट-पट्टी हैं। हैंडपंप ठीक कराने की मांग की जा चुकी है। सफाई कर्मचारी के न आने के चलते गंदगी फैली है। सफाईकर्मी की कई बार शिकायत कर चुके हैं। बताया कि बुधवार को रैली निकाली जाएगी। प्राथमिक विद्यालय नगला हूसा के सहायक अध्यापक दिनेशचंद्र ने बताया कि बिजली कनेक्शन है लेकिन केबिल नहीं है। प्राथमिक विद्यालय तौफीक की मढ़ैया में कोई भी शिक्षक तैनात नहीं है। शिक्षामित्र सरिता शुक्ला ही पढ़ाती हैं।

न तो अध्यापक दिखे और न छात्र
परिषदीय स्कूलों का सत्र आज से शुरू हो रहा है लेकिन इसके लिए कोई तैयारी नहीं दिखी। बुधवार से ही बच्चों के प्रवेश शुरू होने हैं। विद्यालय का समय सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है। एक दिन पहले मंगलवार को तराई क्षेत्र के गांव हरियलपुर के जूनियर स्कूल में अध्यापक और बच्चे दोनों ही नदारद थे। यहां स्कूल की छत पर ग्रामीणों ने तंबाकू के ढेर लगा रखे हैं।  अहमदगंज का प्राथमिक विद्यालय दोपहर 1.30 बजे ही बंद मिला। अकाखेड़ा के प्राथमिक और जूनियर

विद्यालय के इंचार्ज विवेक कुमार नहीं दिखाई दिए।  ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें तो कई दिन से देखा ही नहीं है। वहीं जौंरा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकिशोर शुक्ला कल की तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने बताया कि नवीन शिक्षा सत्र की शुरुआत हवन से कराई जाएगी। उसके बाद बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर विधिवत कक्षाएं लगाई जाएंगी।

वर्जन
बीएसए योगराज सिंह ने बताया  कि एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र प्रारंभ हो रहा है। सभी प्रधानाध्यापकों को स्कूलों को सजाने और बच्चों का दाखिला करने का आदेश दिया है। एबीआरसी, एनपीआरसी और खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों पर नजर रखने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें