कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे सर्वोदय मंडल के आमरण अनशन के दौरान पुलिस ने
कहर बरपाया। इस दौरान महात्मा गांधी की तस्वीर टूट गई। तिरंगे का भी अपमान
हुआ। यह आरोप लगाते हुए अनशनकारियों ने एसपी को ज्ञापन सौंपा है। मामले की
जांच कराने की मांग की है।
विद्युत शवदाह गृह सहित विभिन्न मांगों को
लेकर सर्वेदय मंडल 23 मार्च से कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन कर रहा है।
रविवार को अनशनकारियेां का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। इस दौरान वृद्धा
फूलप्यारी की हालत नाजुक पाए जाने पर उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती
कराया गया। मंडल के महामंत्री लक्ष्मण सिंह ने बताया कि 29 की रात पुलिस बल
ने जबरन वृद्धा को
अनशन स्थल से उठाकर लोहिया अस्पताल में भर्ती करवाया।
इस दौरान अनकारियों को पीटा गया। एसपी विजय यादव को दिए पत्र में अनकारियों
ने आरोप लगाया कि सीओ सिटी वाईपी सिंह की अगुवाई में इंस्पेक्टर फतेहगढ़
और लगभग 50 पुलिसकर्मियों ने अनशन स्थल पर लगे राष्ट्रीय ध्वज और
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र को पैरों तले रौंद दिया। फूल प्यारी
को
जबरन गाड़ी में डाल लिया। विरोध करने पर वृद्धा के पुत्र सतीश सहित अन्य
को डंडों से पीट दिया। पुलिस अनकारियों के मोबाइल व अन्य दस्तावेज भी उठा
ले गई। इस दौरान मुन्ना लाल राजपूत, सतीशचंद्र, विक्रांत सिंह, शीशपाल,
धनपाल, चहेती, जसवंत, बाबूराम, आदि लोग मौजूद रहे।