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बाघ पकड़ने को दो टीमों ने डाला डेरा, बिछाया जाल

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फर्रुखाबाद के अमृतपुर के गांव उदयपुर कंचनपुर में लगाया गया पिंजरा व जाल बंधवाते अधिकारी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। दुधवा नेशनल पार्क लखीमपुर खीरी और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया पीलीभीत की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए उदयपुर कंचनपुर गांव में डेरा डाल दिया है। टीम ने जगह-जगह पिंजरे लगा दिए हैं।
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बाघ को पकड़ने में बाधक बन रहे गन्ने की फसल काटने के लिए रूपापुर चीनी मिल की टीम सर्वे करने आएगी। इससे किसानों को गन्ना खरीद के लिए पर्ची दी जा सके।
गांव उदयपुर कंचनपुर में बाघ होने से लोग भयभीत हैं। वह खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। खेतों में पोल और पेड़ों पर लगाए गए नाइट विजन कैमरों में शुक्रवार रात फिर से बाघ की तस्वीर कैद हुई है।
इसे वन विभाग के जिम्मेदारों ने लैपटॉप पर देखा और उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा नेशनल पार्क लखीमपुर खीरी से डॉ. दयाशंकर और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया से डॉ. सुशांत कुमार ने टीम के साथ गांव में डेरा डाल दिया है।
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टीम प्रभारी अपने साथ पिंजरे व जाल लेकर आए हैं। गांव के पास खेतों में कुछ जगह पिंजरों को लगा दिया गया है। डीएफओ पीके उपाध्याय ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए दो टीमें आईं हैं। खेतों में गन्ना अधिक होने से बाघ को पकड़ने में दिक्कत आ रही है।
गन्ना कटवाने के लिए मुख्य वन संरक्षक अधिकारी केके सिंह के साथ डीएम से मुलाकात की और समस्या बताई। डीएम ने बताया कि रूपापुर चीनी मिल के अफसरों से बात हो गई है। किसानों का गन्ना खरीदने को पर्ची जल्द दिए जाने के लिए मिल से टीम गन्ने का सर्वे करने आएगी। गन्ना कटने के बाद बाघ को पकड़ने में सुविधा होगी। डॉ. आरके सिंह ने बताया कि बाघ को पकड़ने की रणनीति बनाई जा रही है।

फर्रुखाबाद के अमृतपुर में नाइट विजन कैमरे में कैद हुई खेत में घूमते बाघ की तस्वीर। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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