भागीरथी के पावन तट पर लगी रामनगरिया का कल्पवास व मेला शांति और सौहार्द
वातावरण में बुधवार को सकुशल संपन्न हो गया। देर शाम हुई जबरदस्त आतिशबाजी
का नजारा देखने लायक था। वहीं संगीत संध्या में भक्ति गीतों पर श्रोता
झूमते रहे। एक माह तक कल्पवास करने वाले साधु - संतों और कल्पवासियों की
साधना को डिगाने के लिए इंद्रदेव ने बरसात और सर्दी का कहर बरपाया लेकिन
गंगा मइया के प्रति श्रद्धा और भोलेनाथ की आराधना के आगे उनकी एक न
चली।
पूरे माह क्षेत्र में गंगा और ज्ञानगंगा का अनूठा संगम देखने को मिला।
वैष्णव, नागा संप्रदाय के संतों के समागम से क्षेत्र में चार चांद लगे रहे।
भांति भांति के अनुष्ठानों से रामनगरिया देव भूमि बनी रही। सभी प्राकृतिक
नियमों के बंधन में बंधे रहे। ऐसे लगा जैसे मेला क्षेत्र में कल्पवासी नहीं
देवदूत रह रहे हैं। यह किसी आज्ञा का इंतजार किए बिना परमार्थ में रात दिन
जुटे रहे।
एक ओर जहां साधु संतों और कल्पवासियों का जमावड़ा रहा वहीं
दूसरी ओर गृहस्थों की सुविधा की वस्तुओं की दुकाने, साफ स्वस्थ मनोरंजन के
कार्यक्रम आयोजित होते रहे। पूर्णिमा स्नान के बाद श्रद्धालुआें ने मां
गंगा की आरती उतारी और अगले वर्ष फिर बुलाने की प्रार्थना की।
गंगा की उठती
लहरें और कलकल ध्वनि सभी को आर्शीवाद देती प्रतीत हुई। स्नान के बाद लोग
अपने अपने परिजनों के साथ सामान लपेटकर घरों की वापसी करने लगी है। समापन
समारोह में जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों को शांति
पूर्वक मेला संपन्न करवाने के लिए प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कल्पवासी विदा, छोड़ जा रहे ढेरों यादें
बुधवार
रात से कल्पवासी लौटने लगे। इन्हाेंने गंगा मइया से फिर बुलाने की मनौती
मानी। कल्पवासियाें की विदाई के दृृश्य देखकर न केवल कल्पवासी गृृहस्थाें
ही नहीं बल्कि साधु संतों के अनुआइयाें का भी गला भर आया। लोगों ने एक
दूसरे से मोबाइल नंबर व पते लेकर आपस में सुख दुख बांटने का वादा किया।
कल्पवास कर रहीं हरदोई की कमला ने कन्नौज की सरिता, मैनपुरी की चंदा से गले
मिल कर विदाई ली।
कल्पवासियाें की विदाई से मेला उजाड़ होने लगा है। इनकी
झोपड़ियाें व कूड़ा कचरा रेती पर जगह जगह बिखरा है। इन्हाेंने पूजन का
सामान भी यहीं छोड़ दिया है। इसके गंगा में पहुंचने पर गंदगी में इजाफ ा हो
सकता है। डीएम ने मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित को अतिरिक्त कर्मचारी
लगवाकर साफ सफाई करवाने के निर्देश दिए हैं।
साउंड कर्मचारी को दुकानदारों ने धुना
बुधवार
सुबह मेला समापन के बाद साउंड कैंप का कर्मचारी टिन्नी मेला क्षेत्र में
लगी साड़ी की दुकान पर लगी बल्ली से टेलीफोन का तार खोलने के लिए सीढ़ी
लगाकर चढ़ा। आसपास के दुकानदारों ने युवक को चढ़ते देख शोर मचा दिया। युवक
के बताने पर भी दुकानदारों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर साउंड
ठेकेदार अन्य कर्मचारियों को साथ लेकर पहुंचे। कर्मचारी को पीटने से मना
करने पर दुकानदार ठेकेदार से भिड़ गए।
गंगा में डुबकी लगाई
रामनगरिया
क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी के बीच एक माह तक कल्पवास करने वाले
कल्पवासियों और साधु संतों ने बुधवार को मां भागीरथी में श्रद्धा की डुबकी
लगाई। स्नान करने के पश्चात अलग अलग संप्रदाय के संतों ने सामूहिक गंगा की
आरती उतारी। वहीं कल्पवासियों ने धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण किए। कल्पवास
क्षेत्र मे ंरहने वाले लोगों के परिजन सुबह से ही वाहनों के साथ उन्हें
लेने आए। कल्पवासी सामान और झोपड़ी एकत्र कर घर को लौटने लगे हैं।
कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनी
शहर
के दीनदयाल बाग में बुधवार से शुरू हो रही भागवत कथा के पहले दिन महिलाओं
ने कलश यात्रा निकाली। देर शाम हुई कथा में कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनकर
श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। आचार्य अवधेशचंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि
जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में
भक्तों की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं। द्वापर युग में कंस के अत्याचारों
से जब जनमानस दुखी हो गया
तो भगवान विष्णु ने कृष्ण के रूप में अवतार
लिया। कथा के दौरान महिलाओं ने जनने भी गाए। इस अवसर पर लोगों ने टाफियां,
गुब्बारे इत्यादि बांटे। इससे पहले दोपहर में निकली कलश यात्रा में डा.
कैलाशचंद्र वर्मा, संगीता शुक्ला, रेखा देवी, रेशमा दे्वी, किरन, रवि,
राखी, सुनीता, प्रतिमा, रामप्यारी और मीना आदि मौजूद रहीं।
भक्ति गीताें ने बांधा समां
रामनगरिया
समापन समारोह के बाद संगीत संध्या में राजीव पालीवाल एंड ग्रुप ने भक्ति
गीतों से समा बांध दिया। रामनगरिया के सांस्कृतिक पांडाल में समापन समारोह
के बाद संगीत संध्या में मां दुर्गा के भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय हो
गया। कलाकारों ने चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है, गंगा तेरा पानी
अमृत और मैया कहां मिलेगी आदि भक्ति गीत गाए तो श्रोता झूम उठे। इस दौरान
प्रशासनिक अधिकारी भी डटे रहे।
प्रशासनिक अधिकारी हुए सम्मानित
समापन
समारोह में जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों को
शांतिपूर्ण ढंग से मेला संपन्न कराने के लिए धन्यवाद के साथ प्रतीक चिन्ह
देकर सम्मानित किया। इस दौरान जिला जज राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक विजय यादव ने मेला सचिव सुनील कुमार वर्मा,
सीडीओ एसएन शुक्ल, एडीएम मनोज सिंघल, पीडी. डा. डीआर विश्वकर्मा,
डीआईओएस
भगवत पटेल, बीएसए योगराज सिंह और पूर्व विधायक महरम सिंह, मेला व्यवस्थापक
संदीप दीक्षित, सूचना अधिकारी पूरनचंद्र मिश्र को प्रतीक चिन्ह देकर
सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने जिला जज व पुलिस अधीक्षक विजय यादव को भी
प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
लगा रहा जाम
रामनगरिया
मेला समापन के बाद लौट रहे कल्पवासियों के ट्रैक्टरों और वाहनों के चलते
जाम की स्थिति बन गई। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। मशक्कत के बाद जाम
खुलवाया गया।
घर लौटते की खरीददारी
रामनगरिया
क्षेत्र से घर लौट रहे कल्पवासियों ने मेला क्षेत्र में लगी दुकानों से
जमकर खरीददारी की। लोगों ने वहां लगे खाने-पीने की वस्तुओं का लुत्फ उठाया।
पटा, बेलन, सिलबट्टा और बच्चों के खिलौने जमकर बिके। हालांकि अधिकांश
दुकानदार दिन भर अपना सामान समेटते भी नजर आए।