फोटो-6 नवाबगंज सीएचसी में ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर जाता कर्मचारी। संवाद
नवाबगंज। सीएचसी नवाबगंज में ऑक्सीजन न मिलने से व्यापारी की मौत के मामले में एक और सच सामने आए हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में व्यापारी की सांसें थम गईं और चीफ फार्मासिस्ट के कमरे व लेबर रूम में तीन ऑक्सीजन भरे सिलिंडर रखे रहे।
अफसरों के सामने दिए बयान में ड्यूटी फार्मासिस्टों ने यह सच बयां किया है। बताया गया कि चीफ फार्मासिस्ट कमरे की चाबी घर भूल आए थे। बताया कि उनसे कई बार मांगने पर ही दवाएं मिलती हैं।
कस्बे में थाने के पास के व्यापारी नन्हें लाल गुप्ता (61) की सीएचसी में ऑक्सीजन के अभाव में मंगलवार शाम मौत हो गई थी। मामले में बुधवार दोपहर में सीएमओ के निर्देश पर जांच टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव और डिप्टी सीएमओ आरसी माथुर सीएचसी पहुंचे।
उन्होंने ड्यूटी फार्मासिस्ट राजीव कुमार और आलोक कुमार के बयान दर्ज किए। फार्मासिस्टों ने बताया कि ऑक्सीजन भरा एक सिलिंडर चीफ फार्मासिस्ट के कमरे रखा था। वह उस कमरे की चाबी लेकर नहीं आए थे। चार सिलिंडर भरने गए थे। एक बाहर था वह खाली हो गया था।
वहीं, लेबर रूम में तैनात एएनएम नीलम चौधरी ने बताया कि उनके यहां दो ऑक्सीजन सिलिंडर थे। मगर किसी ने भी उनसे सिलिंडर नहीं मांगा। इस मामले में व्यापारी के परिजन का कहना है कि अस्पताल की इसी लापरवाही के चलते व्यापारी की जान चली गई।