फर्रुखाबाद। डेढ़ घंटे में महिला समेत तीन लोगों को लोहिया अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया। इसमें पानी के बातशा के विक्रेता, दूसरे ट्रक डाइवर और तीसरी महिला थी। सभी परिजन बता रहे थे कि लू लगने से इनकी हालत बिगड़ी। वहीं, डॉक्टर कह रहे हैं कि तीनों के शरीर तो गर्म थे, लेकिन मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो सकती है।
डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल में रविवार दोपहर करीब ढाई बजे राजेपुर थाने के गांव अलीगढ़ निवासी जयदेवी (60) को मृत अवस्था में लाया गया। परिजनों के अनुसार कुछ दिन से बीमार हो गई थीं। शरीर से गर्मी निकल रही थी, मगर बुखार जैसा नहीं था। डॉक्टर ने देखा, तो शरीर काफी गर्म था।
करीब तीन बजे राजेपुर थाने के पीआरडी संतोष कुमार पंजाब के जिला सुल्ताननगर के थाना जसरथपुर के गांव गुरुनानकनगर निवासी शेर सिंह (55) को लेकर पहुंचे। डॉक्टर कृष्ण कुमार ने जांच कर उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि इनका शरीर काफी गर्म था। बताया जाता है कि शेर सिंह ट्रक लेकर बरेली की ओर जा रहे थे। निबिया चौराहे के पास अचानक ट्रक खाई में जाता दिखा। कुछ दूर नीचे बिना पलटे ही टिक गया। पुलिस पहले राजेपुर सीएचसी ले गई। इसके बाद लोहिया अस्पताल लाया गया।
शाम करीब चार बजे फतेहगढ़ के मोहल्ला भूसामंडी निवासी जीवन लाल (48) को भतीजा विनोद लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। भतीजे ने बताया कि जीवन लाल पोस्टमार्टम हाउस के पास पानी के बताशे बेचते थे। शनिवार को ठेली लेकर गए। दोपहर बाद घर लौट आए। शरीर से गर्मी निकलने की बात कही। रविवार दोपहर में गर्मी लगने की बात कहकर नहाया और लेट गए। कुछ देर बाद खर्राटे की आवाज आने लगी। उन्हें उठाया, तो वह बेहोश थे। आवास विकास निजी अस्पताल के बाद लोहिया अस्पताल ले गए। पत्नी ममता बेटी मुस्कान, अंजली, पुत्र यश का रो-रो कर बुरा हाल है। ईएमओ डॉ. कृष्णकुमार ने बताया कि शरीर तो गर्म थे, मगर मौत कैसे हुई यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही साफ होगा।
लू से बचने के लिए बरतें सावधानियां
ईएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि यह समय काफी सावधानी बरतने का है। अनावश्यक रूप से घर से निकलने से बचें। फुल आस्तीन के सूती कपड़े पहनें। इलेक्ट्राल, ओआरएस आदि का घोल बनाकर पीते रहें। सिर को ढक कर ही घर से निकलें। शरीर में गर्मी निकलने का अहसास हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।