कन्नौज। तीन दिन से हो रही रिमझिम बरसात से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बरसात से धान, आलू व सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, मेहनत पर पानी फिरता देख किसान चिंतित हैं। वहीं कई सरकारी भवन व परिसर में भी जलभराव देखने को मिला।
सोमवार सुबह से शुरू हुई बरसात थमने का नाम नहीं ले रही है। बरसात के चलते मौसम में ठंडक हो गई है। गुरुवार को तापमान में गिरावट दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेंटीग्रेड पर पहुंच गया। वहीं मौसम वैज्ञानिक ने 12 मिमी बरसात होने की बात कही है। साथ ही शुक्रवार को भी बरसात होने की संभावना व्यक्त की गई। इसी प्रकार छिबरामऊ क्षेत्र में बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। धान, आलू समेत मौसमी सब्जियों में भारी नुकसान हुआ है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता छा गई है। खेतों में कटा पड़ा धान पानी में भींगने से खराब हो रहा है।
वहीं, आलू बोआई का काम रुक गया है। घरों में पड़ा आलू बीज खराब हो रहा है, वहीं खेतों में पानी भरने से बोया गया आलू सड़ने लगा है। पलिया के किसान टीटू दुबे ने बताया कि अगर आलू सड़ने से बच भी गया तो जमीन ठोस हो जाने से जमाव नहीं होगा। सरसों की फसल भी चौपट हो चुकी है। इसके अलावा पालक, हरी धनिया, मिर्च, फूल गोभी, पत्ता गोभी व मूली समेत अन्य मौसमी सब्जियाें की पैदावार भी प्रभावित हो रही है। कुदरत के कहर ने किसानों की मेहनत को बर्बाद करके रख दिया है, वहीं नगर क्षेत्र में भी बाजारों में ग्राहकों के न पहुंचने से सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्राहकों के न पहुंचने से कई दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हो रही है।
नुकसान का दिया जाए मुआवजा
विशुनगढ़। ग्राम सरदामई के किसान प्रमोद जाटव ने बताया कि उधार लेकर चार बीघा खेत में धान की रोपाई की थी। तीन दिनों से हो रही बरसात से कटा पड़ा धान में फफूंदी लग रही है। फसल चौपट होने से कर्जा वापस करना मुश्किल पड़ेगा। इलाके के श्रीकृष्ण सैनी, विनोद, फौरम, सुखनंदन, महिपाल, कश्मीर सिंह आदि ने बारिश से फसलों में हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
आलू किसानों को सताने लगी चिंता
समधन। बारिश के पानी से खेतों में अगेती आलू की बोआई कर चुके किसानों को फसल बर्बादी की चिंता सता रही है। किसान इंद्रपाल सिंह, वीरेंद्र कुमार मौर्य, ज्ञानेंद्र कुमार, आशू कटियार ने बताया कि बीते तीन दिनों से बेमौसम बरसात से बोया गया आलू बीज खराब हो सकता है। साथ ही खेत में खरपतवार अधिक उगने से पैदावार पर भी भारी असर पड़ सकता है। पहले ही कोल्ड स्टोरेज में बिक्री के लिए रखा गया आलू के भाव में गिरावट की वजह से किसानों को कुछ हासिल नहीं हुआ। अब अगेती आलू की बोआई करके भविष्य में लाभ लेने की सोच रहे थे पर बेमौसम बारिश के पानी से अरमानों पर पानी फेर दिया है।
बरसात से राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें
बारिश से आम नागरिक व छात्र-छात्राएं आहत हैं। गुरुवार को बारिश से बचने के लिए पैदल चलने वाले राहगीर बोरी, पॉलिथीन ओढ़कर जाते नजर आए। वहीं भीगने से बचने के लिए छात्राओं ने छाते का सहारा लिया। शहर भर में इस तरह के कई दृश्य नजर आए। इसमें लोग बेमौसम बरसात के पानी से बचने के लिए विभिन्न उपाय करते दिखाई दिए।
उपभोक्ता अदालत में पानी टपकने से कामकाज प्रभावित
मुख्यालय स्थित उपभोक्ता अदालत के जर्जर भवन की छत से पानी टपक रहा है। इससे अदालत का कामकाज प्रभावित हुआ। वरिष्ठ सदस्य वंदना मिश्रा ने बताया कि कई बार डीएम व विभागीय उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था का कोरा आश्वासन दिया गया। जर्जर भवन में बैठकर काम करने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
तहसील परिसर में भरा पानी
तीन दिन से लगातार हो रही बरसात से सदर तहसील परिसर में कई जगह जलभराव हो गया। इससे अधिवक्ताओं व वादकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता यादवेंद्र किशोर ने बताया कि इंटरलॉकिग में बरती गई लापरवाही से जगह-जगह जलभराव हो रहा है। जलभराव की समस्या दूर करने के लिए एक वर्ष से शिकायत की जा रही है पर सुनवाई नहीं की गई।
उफनाया धीराताल
तिर्वा रोड स्थित धीराताल बरसात के चलते उफना रहा है। तालाब के पश्चिमी किनारे का पानी सड़क के ऊपर से बहकर बस्ती में घुसने लगा है, इससे बस्ती के लोग परेशान हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा ट्यूबवेल लगाकर जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है।