कोतवाली क्षेत्र के गांव जिरखापुर निवासी छात्र की हत्या में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी से हत्या में प्रयुक्त एक तमंचा व एक कारतूस बरामद किया है।
तीन आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीम जुटी है।
गांव जिरखापुर निवासी राजेश्वर कठेरिया का 20 वर्षीय पुत्र नेत्रपाल इंटरमीडिएट का छात्र था। शुक्रवार शाम वह बाल कटवाकर साइकिल से घर जा रहा था।
गांव बरझाला मंदिर के पास बीच सड़क पर छह हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बीचबचाव में गांव बरझाला निवासी नर्सरी कारोबारी अरविंद श्रीवास्तव गोली लगने से घायल हो गए थे।
उनका सैफई में इलाज चल रहा है। छात्र के पिता ने गांव के ही चार नामजद सहित छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार को इंस्पेक्टर विनय राय व टीम में शामिल एसआई अंकुश राघव, रहीश खान, विनीत कुमार ने मुख्य आरोपी बबलू यादव, उसके मामा रामवरन यादव, शिवा यादव को टेड़ीकोन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
बबलू यादव से घटना में इस्तेमाल 315 बोर का तमंचा, एक खोखा व एक कारतूस बरामद किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि नेत्रपाल से उनका दिवाली के समय झगड़ा हो गया था।
तब नेत्रपाल ने बबलू को पीटा था। इसी रंजिश में उन तीनों ने गांव के उमेश के साथ मिलकर मंदिर के पास नेत्रपाल को गोली मार दी। पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से जेल भेज दिया गया।
छात्र हत्याकांड के पीछे झगड़े की जड़ मकान पर कब्जे का विवाद है। इसको लेकर बबलू यादव व मामा रामवरन पहले भी जेल जा चुके हैं।
बताया गया कि बबलू ने गांव में एक मकान खरीदा है। इस पर गांव के राधेश्याम का कब्जा है। इस पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है। नेत्रपाल के पिता राजेश्वर राधेश्याम का दोस्ती में सपोर्ट करते थे, जो बबलू को नागवार लगता था। इसी वजह से दिवाली के समय दोनों में मारपीट हुई थी।
इसी विवाद के चलते बबलू व रामवरन पर दो मामले पहले से दर्ज हैं। 23 सितंबर 2018 को कब्जे को लेकर विवाद हुआ था।
इसमें राधेश्याम ने बबलू व उसके पिता जीवन सिंह, मामा रामवरन, भाई अजीत, मां सोनतारा, बहन रामलली, पूनम, कल्पना सहित 9 के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट व बलवा का मामला दर्ज कराया था। 11 सितंबर 2018 को पंजाब सिंह की पत्नी सुनीता ने बबलू, रामवरन सहित 4 के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
गांव जिरखापुर में नेत्रपाल व आरोपियों के मकान आमने सामने हैं। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में एक दरोगा सहित 4 सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। मृतक के परिजन भयभीत हैं।
उनका कहना है कि आरोपी दबंग हैं। पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। अन्य फरार हैं। आरोपियों के परिजन अपने सगे संबंधियों से उन पर दबाव बनवा रहे हैं। वह लोग ऐसे कैसे गांव में रह पाएंगे।