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Farrukhabad News: बस से पार्सल ढोने में बड़ा खेल, चालक-परिचालक मालामाल

Sat, 03 Jan 2026 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-29 रोडवेज बस अड्डा पर एटा की बस में रखा जा रहा पार्सल। संवाद
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फर्रुखाबाद। रोडवेज बसों से पार्सल ढोने में बड़ा खेल हो रहा है। इनसे चालक-परिचालक मोटी कमाई कर रहे हैं। सबसे अधिक व्यवसायिक शहरों के लिए सामान आता-जाता है। इनमें मादक पदार्थ है अथवा असलहे, इसकी जांच के कोई इंतजाम नहीं हैं। बस अड्डा पर खुलेआम बिना बुकिंग सामान बसों में भरा जाता है।
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रोडवेज की निगम और अनुबंधित बसों में चालक-परिचालक मोटी रकम लेकर पार्सल ले जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि छोटा सा लिफाफा भेजने के बदले बस का स्टाफ 50 रुपये ले लेता है। निगम बसों के सीटों के नीचे और चालक के पास और अनुबंधित बसों में बनी डिग्गी में पार्सल भरे जाते हैं। इनकी बुकिंग के नाम पर खानापूर्ति होती है। इन पार्सलों के साथ कोई यात्री नहीं जाता। धन कमाने के लोभ में चालक-परिचालक पार्सल देने वाले का मोबाइल नंबर लेकर उसे फोन भी कर देते हैं। इन पार्सल में मादक पदार्थ भरे हैं अथवा असलहे जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। बस अड्डा पर भी बसों में खुलेआम अफसरों के सामने सामान भरा जाता है।
बस अड्डे पर पार्सल बुकिंग निजी कंपनी के जिम्मे
निगम ने बसों में पार्सल की बुकिंग की जिम्मेदारी एक कंपनी को दी थी। चार माह पहले कंपनी का काउंटर बस अड्डा से बंद करवा दिया गया था। दो दिन पहले दोबारा काउंटर खोला गया। फतेहगढ़ के जेएनवी रोड निवासी कंपनी के वेंडर गोविंद मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग होती है। इसमें सभी औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। घटना के बाद सुबह ही कंपनी से बात हुई। पार्सल की जांच के लिए मेडल डिटेक्टर लाने पर विचार कर रहे हैं।
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पार्सल पकड़ने में पुलिस की भूमिका पर सवाल
राजेपुर। रोडवेज बसों से हमेशा ही पार्सल लाने-ले जाने का खेल चल रहा है। अभी तक पुलिस ने कभी भी पार्सल को चेक नहीं किया। मगर हुल्लापुर चौराहे से पार्सल रखने के बाद मात्र दो किमी दूर ही पुलिस ने असलहा भरे पार्सल को पकड़ लिया। इसकी मुखबिर से सूचना मिलने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मुखबिर को कैसे पता चला कि इस पार्सल में असलहे हैं। साफ है कि मुखबिर के सामने ही पार्सल में असलहे रखे गए होंगे। पुलिस को सबसे पहले मुखबिर को ही पकड़ना चाहिए। मगर ऐसा करने से कतरा रही है।

-चालक-परिचालक अपनी कमाई करने के लिए पार्सल ले जाते हैं। कई बार चेकिंग में बिना बुकिंग पकड़े भी गए हैं। सामान की जांच के लिए स्केनर होना चाहिए। वह उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।
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-राजेश कुमार, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो।
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