ढाईघाट पर दूसरी धार पर बने पीपा का पुल ट्रैक्टर के चलते तोड़ना पड़ा। हुआ
यूं कि करीब एक सप्ताह से पुल का एक पटरा उठा था। मंगलवार को गुजर रहे
ट्रैक्टर में पटरा फंस गया, जिससे वह पूरा उखड़ गया। पीडब्लूडी की ओर से जब
पटरा ठीक करवाया गया तो 40 पटरे और उखाड़ने पड़े। इससे एक तिहाई पुल को
तोड़ना पड़ा। पुल टूटे होने के चलते आवागमन ठप हो गया। नाव से लोग आवागमन
करने को मजबूर हुए।
पीडब्लूडी के एई ने बताया कि देर रात तक पुल ठीक कर
दिया जाएगा। ढाईघाट दूसरी धार पर बने पीपा के पुल का एक पटरा करीब एक
सप्ताह से उठा हुआ था। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे पुल से ट्रैक्टर गुजरा तो
तखता ट्रैक्टर में फंस कर उखड़ गया। सूचना मिलने पर पीडब्लूडी के एई
महिपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मजदूरों को लगाकर तख्ता ठीक करवाना
शुरू किया। इस दौरान 40 तख्ते और निकल गए।
इससे पुल का एक तिहाई हिस्सा
टूट गया और आवागमन ठप हो गया। नाव से लोगों ने गंगा पार की। संतों में इस
बात का रोष था कि करीब एक सप्ताह पहले उन्होंने मेला का जायजा लेने आए
कायमगंज एसडीएम से पुल का तखता ठीक कराने की मांग की थी लेकिन कोई ध्यान
नहीं दिया गया। बुधवार को मकर संक्रांति पर्व पर विशेष स्नान है। ऐसे में
हजारों श्रद्घालु गंगा नहाने आएंगे। उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
इस संबंध में एई महिपाल सिंह ने बताया कि देर रात तक पुल के सही होने की
उम्मीद है।
पुल ठीक न होने से संतों में रोष
कासिमपुर तराई में
दूसरी धार पर बने पीपा के पुल में जगह-जगह करीब एक-एक मीटर का गैप है। इसे
ठीक न किए जाने से संतों में रोष है। सर्वदानंद, रामानंद, महावीरदास,
विश्वानंद, राधाकृष्ण, बाबा रामगिरि और मौनी बाबा का कहना है कि एक सप्ताह
से पुल के गैप को ठीक करवाने की मांग कर रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हुई।