आध्यात्मिक क्षेत्र रामनगरिया में चारों ओर राम के गुणगान के चलते पूरा
क्षेत्र राममय नजर आता है। कथा, भागवत, हवन, दान-पुण्य और जगह-जगह चलते
भंडारों से अनूठी छठा बिखरी है। बुधवार को होने वाले दूसरे शाही स्नान को
लेकर साधुसंत उत्साहित हैं।
गैर जनपदों से आने वाले स्नानार्थियों का तांता
लगने लगा है। प्रशासन की तैयारियां आधी-अधूरी हैं। स्नानार्थियों की
उमड़ने वाली भीड़ को देखकर गंगा के गहरे स्थानों का कोई चिन्हांकन नहीं
किया गया है। अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। रास्ते बदहाल हैं लेकिन साहब की
गाड़ी न रुके इसके लिए उस मार्ग पर प्रतिदिन पुआल बिछाए जाते हैं। नरौरा
बांध से छोड़े गए पानी के चलते
मेला क्षेत्र के तलहटी स्थानों पर जगह-जगह
पानी भर गया है। पुलिसिया रौब का आलम यह है कि पैसे लिए तो पीटे जाओगे।
मंगलवार को मुफ्त में झूला न झुलाने का खामियाजा झूला संचालक को पिटाई खाकर
भुगतना पड़ा। सरकारी वाहन स्टैंड पर अवैध वसूली की भी शिकायतें की जा रही
हैं।
स्टैंड पर वसूली की शिकायत
वाहन स्टैंड का ठेका न होने
के कारण यह कार्य मेला प्रशासन के जिम्मे है। अवैध वसूली का आलम यह है कि
पांच रुपये के बजाए साइकिल वालों से 10 रुपये वसूले जा रहे हैं। बाइकों से
10 के स्थान पर 15 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसकी शिकायत कल्पवासियों ने
मेला प्रभारी संदीप दीक्षित से की तो उन्होंने कर्मचारियों को जमकर
हड़काया। उन्होंने कहा कि बुधवार से कर्मचारियों को ड्रेस व आईकार्ड वितरित
किया जाएगा। शिकायत आने पर कार्रवाई होगी।
अव्यवस्थाओं के बीच दूसरा शाही स्नान आज
मेला
क्षेत्र को चमकाने-दमकाने में प्रशासन ने भले ही कोई कसर न छोड़ी हो लेकिन
अभी भी क्षेत्र में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे
हैं और गड्ढों में पानी भरा है। बुधवार को होने वाले दूसरे शाही स्नान को
लेकर साधु संत उत्साहित हैं लेकिन प्रशासनिक इंतजाम अभी भी अधूरे हैं। गंगा
में छोड़े गए पानी के चलते जल का स्तर बढ़ गया है। यहां गहरे स्थानोें का
चिन्हांकन के लिए लगी बल्लियां टूट चुकी हैं।
प्रशासनिक परिसर का रास्ता बनाया
भले
ही मेला क्षेत्र में रास्ते बदहाल हों लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के
मार्ग में कोई रोड़ा न आए इसके लिए प्रतिदिन इस मार्ग पर धान के पुआल बिछाए
जा रहे हैं, जबकि साधु-संतों के मार्ग में अभी भी जगह-जगह गड्ढे हैं।
शिकायत होने पर एक-दो मार्गों को सही किया जाता है लेकिन अभी भी कई
क्षेत्रोें में कई रास्ते ऐसे हैं, जिन पर पैदल चलना भी मुनासिब नहीं हैं।
सफाई कर्मियों का टोटा
क्षेत्र
को साफ-सुथरा रखने के लिए 76 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन
इनमें से आधे कर्मचारियों ने ही जिम्मा संभाला है। मेला प्रभारी का कहना है
कि कमालगंज ब्लाक के 31 सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगी थी। इनमें से 24
लोगों ने अभी तक अपनी ड्यूटी नहीं संभाली है। वहीं बढ़पुर विकास खंड
क्षेत्र के 10 सफाईकर्मी अनुपस्थित हैं।
घाटों पर भरा पानी
प्रशासन
ने गंगापुत्रों को गंगाधार से 25 फीट दूर तखत डालने का आदेश किया है। विगत
दिनों गंगा में पानी छोड़े जाने से जगह-जगह पानी भर गया है। इससे गंगा
पुत्रों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि
प्रशासन ने पानी निकालने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है। जलभराव के चलते
गंगा स्नानार्थियों को दिक्कत उठानी पड़ रही है।
पुलिसिया रौब दिखा, झूला संचालक को पीटा
मेला
क्षेत्र में रौब गांठने के लिए पुलिस के जवान आए दिन दुकानदारोें व झूला
संचालकों को परेशान कर रहे हैं। ऐसा ही वाक्या मंगलवार को घटा। ड्रीम लैंड
कंपनी के झूले में मुफ्त झूलने के लिए पहुंचे सादा वर्दी पुलिस के जवानों
ने संचालक को बुरी तरह पीट दिया।
इससे गुस्साए मेला क्षेत्र के दुकानदारों
और झूला संचालकों ने झूले को रोक प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल
बिगड़ता देख इसकी सूचना कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र मिश्रा को दी गई।
उन्होंने मौके पर पहुंचकर मामला रफा-दफा कर दिया।