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विश्व मातृ दिवस पर किया गया माताओं का सम्मान

Sun, 10 May 2015 11:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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विश्व मातृ दिवस पर शहर में विभिन्न संगठनों ने माताओं का सम्मान कर आशीर्वाद लिया। वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान ने 11 माताओं को सम्मानित किया। शहर में रविवार को वस्त्र छापाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान की बैठक में 11 माताओं को माला पहनाकर व शाल उढ़ाकर सम्मानित किया गया। अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कहा कि देश के कर्णधारों की
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उत्पत्ति करने वाली मां अगर दुखी है तो देश के लाल खुश कैसे रह सकते हैं। उन्होंने कर्तव्यों से भटके हुए लोगों से मां की सेवा करने का आह्वान किया। अध्यक्षता कर रहे यदुनंदन गोस्वामी ने कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों की गिरावट से मां का दर्जा घर में नौकरानी जैसा हो गया है। कहा कि हम अपना व देश का सम्मान ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सक्षम हैं परंतु मां के लिए

हमारे पास समय नहीं है। गोपाल बाबू पुरवार ने कहा कि जो अपनी मां में आस्था रखते हैं वह जीवन में कभी नहीं डिगते। इस मौके पर रामदुलारी, गंगा देवी, निर्मला देवी, गंगाश्री, राम देवी, शिव देवी, सावित्री देवी, शारदा देवी, ज्ञानदेवी, रामवती तथा कमला देवी को संस्थान के पदाधिकारियों ने माला पहनाकर व शाल उढ़ाकर सम्मानति किया। इस मौके पर दीपक
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कुमार साध, रजनेश साध, संतोष साध, दीपक अगिभनहोत्री, गौरव गुप्ता, राजीव साध, सेठ बहादुर मिश्रा, रामखिलावन, नरेश कुमार, दाताराम कुशवाह, प्रमोद पाल, द्वारिका प्रसाद, चंद्रशेखर वर्मा, अजनीश कुमार वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।  उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के महामंत्री लक्ष्मण सिंह की अगुवाई में सर्व सेवा संघ ने मातृ दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरभान साध की 92 वर्षीय पत्नी कंचनबाई साध का माला पहनाकर व शाल उढ़ाकर सम्मान किया। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि मदर्स

डे पर माताओं को सम्मान देने की संस्कृति है। उन्होंने कहा कि मदर्स डे की शुरुआत सन् 1908 में अमेरिका के ग्राफ्टन शहर से हुई थी। अन्ना जार्विस ने विश्व भर की माताओं को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया था। तब कहीं जाकर 1912 में मई माह के दूसरे रविवार को विश्व मातृ दिवस के रूप में मनाया जाना प्रारंभ हुआ। उन्होंने कहा कि धरती पर मां और पिता भगवान के स्वरूप होते हैं।  मां का दर्जा पिता से अधिक होता है।   इस मौके पर मुन्नालाल राजपूत, रीना साध, नीरज साध, विक्रांत सिन्हा, बजरंग बहादुर सिंह, अभिमन्यु सिंह, रामवशिष्ठ पांडेय, शिवदीन शाक्य, ओमप्रकाश गुप्ता, गौरव गुप्ता, शीलू खां, विद्यानंद आर्य, अशोक तिवारी आदि मौजूद रहे।
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