कायमगंज। कर चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा उस समय हुआ, जब राज्यकर (जीएसटी) विभाग की टीम ने गाजियाबाद में तंबाकू से लदे दो ट्रक पकड़ लिए। जांच में सामने आया कि ट्रक अमन ट्रेडिंग कंपनी के नाम से जारी बिलों पर भेजे जा रहे थे, जबकि संबंधित गोदाम तीन माह पहले ही खाली कर दी गई थी।
गाजियाबाद में पकड़े गए ट्रकों के दस्तावेजों की जांच में कायमगंज का कनेक्शन सामने आया। इसके बाद गाजियाबाद की टीम ने फर्रुखाबाद जीएसटी विभाग से अमन ट्रेडिंग कंपनी के बारे में जानकारी मांगी है।
बताया गया है कि जुबैर गिरोह से जुड़ा सदस्य सुखवीर इस समय गैंगस्टर एक्ट में जेल में बंद है। हाल ही में प्रशासन ने उसकी 1.75 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की थी, इसके बावजूद उसका नेटवर्क सक्रिय बताया जा रहा है। उसके कई गुर्गे इस कारोबार को कर रहे हैं।
मोहल्ला दमदमा निवासी गोदाम मालिक जबीर खां ने बताया कि उन्होंने अपनी गोदाम किराये पर दी थी। इसमें अमन ट्रेडिंग कंपनी तंबाकू की फर्म चल रही थी। एक युवक ने स्वयं को फर्म का प्रोपराइटर अमन खां बताया था। करीब तीन माह पहले जीएसटी विभाग की जांच के बाद गोदाम खाली करा ली गई थी। इसके बावजूद फर्म के नाम से बिल जारी कर माल भेजा जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने बकाया कर के चलते शुक्रवार को अमन ट्रेडिंग कंपनी फर्म का संचालन बंद करा दिया। हैरानी की बात यह है कि एक दिन पहले ही उसी फर्म के नाम से बिल जारी कर माल दिल्ली भेजा जा रहा था।
सीजीएसटी कायमगंज में तैनात अधीक्षक संजय सक्सेना ने बताया कि अमन ट्रेडिंग कंपनी पर 54 लाख रुपये कर बकाया था। इसी के चलते शुक्रवार को उसके कारोबार पर रोक लगा दी गई है। गाजियाबाद से क्या जानकारी मांगी गई है, इसकी सूचना उनके पास नहीं है।
मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच जारी है। कर चोरी के इस नेटवर्क में और किन-किन लोगों की संलिप्तता है, इसकी जांच की जा रही है।
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तीन माह पहले खाली हो चुकी थी फर्जी फर्म की गोदाम का.......जोड़..........टैक्स की हेराफेरी में पहले भी हो चुकी जांच
कायमगंज। अमन ट्रेडिंग कंपनी पर टैक्स हेराफेरी को लेकर पहले भी जांच हो चुकी है। 10 दिसंबर 2025 को इटावा एसआईबी के सहायक आयुक्त जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में कंपनी के गोदाम पर छापेमारी की गई थी। कार्रवाई में टीम ने गांव दमदमा कलाखेल स्थित गोदाम में जांच की थी।
जांच के दौरान सामने आया था कि फर्म ने नोहा दुबैको कंपनी के नाम पर बोगस आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का दावा किया। सितंबर और अक्तूबर में 21,36,225 रुपये की फर्जी खरीद दर्शाई गई, जबकि वास्तविक रूप से कोई खरीद नहीं हुई थी। इसके बावजूद जीएसटीआर-3बी रिटर्न में 42.76 लाख रुपये का समायोजन कर लिया गया। टीम ने उस समय दस्तावेज कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू की थी।