फोटो-6 बाढ़ से कटी कुतुलूपुर की सड़क। संवाद
अमृतपुर। बाढ़ के दौरान कटी सड़क को लोक निर्माण विभाग ने पांच माह बीत जाने के बाद भी ठीक नहीं कराया है। ठीक न किए जाने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क कटी होने से चार पहिया वाहन गांव तक सीधे नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे लोगों को तीन से छह किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर गांव पहुंचना पड़ रहा है।
जुलाई में गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ से क्षेत्र के कई गांवों को जाने वाली सड़क कटकर तालाब बन गई है। इससे मरीजों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को हो परेशानी रही है। आपात स्थिति में वाहन गांव तक न पहुंच पाने से गर्भवती महिलाओं व मरीजों को समय से इलाज कराना मुश्किल हो जाता है। किसान भी खेतों से उपज लाने और जरूरी सामान की ढुलाई में दिक्कत झेल रहे हैं। गांव तक चार पहिया वाहन तीन किलोमीटर दूर भाऊपुर चौरासी से होकर गांव तक पहुंचते हैं या अलीगढ़ से इमादपुर सोमवंशी होकर छह किलो मीटर दूरी तय कर गांव पहुंच पाते हैं।
गांव भाऊपुर चौरासी निवासी कमलेश कुमार का कहना है कि बाढ़ से सड़क कटने से परेशानी हो रही है। कुतुलूपुर गांव में साधन सहकारी समिति है। इसलिए खाद लेने में भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कुतुलूपुर निवासी संदीप कुमार का कहना है कि सड़क को बाढ़ में कटने के बाद पांच माह बीत चुके है लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने मिट्टी का भराव करना जरूरी नहीं समझा है। इससे गांव तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मिट्टी खनन की परमिशन नहीं हुई है। एसडीएम ने परमिशन देने से यह कहकर मना कर दिया कि उन्हें परमिशन देने का अधिकार नहीं है। डीएम से परमिशन किए आवेदन दिया गया है। परमिशन मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।