फर्रुखाबाद। लोक निर्माण विभाग का प्रांतीय खंड मुख्यमंत्री के आदेशों को भी हवा में उड़ा रहा है। बाढ़ में टूटी सड़कों को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश के बावजूद मरम्मत में लापरवाही बरती जा रही है। बाढ़ खत्म होने के ढाई माह बाद भी कटरी धर्मपुर जाने वाला मार्ग बदहाल है। डामर ही नहीं गिट्टी तक बह गई। ऐसे में छह गांवों के लोग गड्ढों से होकर निकलने के लिए मजबूर हैं।
बढ़पुर ब्लाक के हैवतपुर गढ़िया, बिलावलपुर होकर सबलपुर की ओर जाने वाला मार्ग पिछले साल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सीमेंटेड बनाया गया था। बिलावलपुर से कुछ आगे से कटरी धर्मपुर, पंखियन की मड़ैया, ठटा की मड़ैया, दिलीप की मड़ैया समेत छह गांवों को जाने वाले मार्ग का चंद हिस्सा ही बाढ़ में बचा है। अधिकांश मार्ग का डामर और गिट्टी तक बह गई।
बिलावलपुर-सबलपुर मार्ग से कटरी धर्मपुर गोशाला की ओर करीब 400 मीटर सड़क की गिट्टी तक बह गई। सबसे अधिक हालात पुलिया के पास बदतर हैं। गोशाला से धर्मपुर की ओर जाने पर मोड़ पर 100 मीटर मार्ग में गहरे गड्ढे हैं। यही नहीं यहां से पंखियन की मड़ैया जाने वाले मार्ग का अधिकांश हिस्सा टूटा पड़ा है।
इसके अलावा इसी मार्ग से एक सड़क ठटा, दिलीप, दौली की मड़ैया समेत अन्य गांवों की ओर जाता है। यह मार्ग कुछ आगे चलकर गंगा में समा चुका है। गंगा नदी तक मार्ग की हालत बदतर है। पुलिया के पास गड्ढों में निकलने से हो रही दिक्कतों को देख मिट्टी डालकर भरे गए हैं। हालांकि निकलना मुश्किल है। इस मार्ग से बालू समेत अन्य सामान भरी बैलगाड़ी, साईकिलें, बाइकों का दिन भर आना-जाना रहता है।
पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अशोक यादव ने बताया कि इस सड़क निर्माण करीब छह लाख रुपये से जून 2025 में कराया गया था। अगस्त में आई बाढ़ के चलते सड़क बह गई। शासन में सीसी रोड बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। वह स्वीकृत हो गया है। 40 लाख रुपये सड़क बनाई जाएगी। टेंडर जारी कर दिया गया है।
फोटो-10 पंखियन की मढ़ैया जाने वाले मार्ग के मोड़ पर हिचकोले खाती बैलगाड़ी। संवाद