असली गुरु वही है जो प्राणियों से स्नेह करने की शिक्षा दे। प्रभु भक्तों
की सहायता के लिए कोई भी स्वरूप धारण कर लेते हैं। शहर के राधा श्याम शक्ति
मंदिर में चल रहे व्याख्यान में आचार्य डा. मनमोहन गोस्वामी ने प्रवचन के
दौरान यह बातें कहीं।
गुरुवार को लोहाई रोड स्थित राधा श्याम शक्ति
मंदिर में गोविंद स्तोत्र की महिमा का बखान करते हुए डा. गोस्वामी ने कहा
कि
भगवान के विज्ञान को समझने के लिए उनके अनुग्रह को पाने की आवश्यकता
होती है। प्रभु की दया, करुणा और कृपा संसार के प्राणियों को समान रूप से
प्राप्त होती है। डा. गोस्वामी ने कहा कि आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन
है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान आलस करने लगें तो संसार का
सारा नियम ही उलट पुलट जाएगा। जैसे सूर्य हर मौसम में समय से
उदय होकर अस्त
होता है, उसी प्रकार मनुष्य को अपने अच्छे और बुरे वक्त में आलस्य त्याग
कर प्रभु का ध्यान करना चाहिए। डा. गोस्वामी ने कहा कि ईश्वर निराकार है,
इसलिए वह कण-कण में मौजूद है। प्रवचन के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमते
रहे।
इस मौके पर रामचंद्र जालान, वीके सिंह, अरुण जालान, अयवनी गुप्ता,
गौरव अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, जितेंद्र
अग्रवाल, मनोरमा,
विनीता, शकुंतला, देवकी, सुरभि, संजीवनी, लक्ष्मी, मोहिनी आदि मौजूद रहीं।