कमालगंज। घर से 50 मीटर दूर स्थित गंगा नदी में भाई-बहनों के साथ नहाने गए शिक्षामित्र सत्तराम सिंह के बेटे अरुण (18) व भांजे सागर (13) की गहराई में डूबने से मौत हो गई। दोनों एक 15 लीटर के प्लास्टिक के केन के सहारे नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी केन का ढक्कन खुलने से हादसा हो गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थाना क्षेत्र के गांव शेरपुर सराय निवासी सत्तराम सिंह पड़ोसी ग्राम बहबलापुर में शिक्षामित्र हैं। मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे सत्तराम का पुत्र अरुण, वरुण, पुत्री अंशिका, भतीजा आदित्य व कन्नौज जिला के गुरसहायगंज कोतवाली के गंगागंज गुरौली निवासी भांजा सागर नदी में नहाने गए थे। नहाने के दौरान प्लास्टिक की केन के सहारे सागर व अरुण गंगा पार कर दूसरी ओर चले गए। कुछ समय बाद लौटने के दौरान बीच नदी केन का ढक्कन खुलने से उसमें पानी भर जाने से दोनों डूब गए।
अंशिका दौड़ कर घर पहुंची और भाइयों के डूबने की सूचना परिजनों को दी। जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च आपरेशन शुरू कराया। करीब 20 गोताखोर घटनास्थल के आस-पास तलाश में जुट गए।
करीब दो घंटे बाद 11:30 बजे गोताखोरों ने अरुण को बाहर निकाला। आधे घंटे बाद गोताखोरों ने सागर को भी गंगा से तलाश कर बाहर निकाल लिया। पुलिस दोनों को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिवार के दो लोगों की मौत से चीखपुकार मच गई। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि नदी में डूबने से दोनों की मौत हुई है।
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मां के साथ मेला देखने आया था सागर
कन्नौज, गुरसहायगंज के गंगागंज गुरौली निवासी रामस्वार्थ उर्फ सूरज का पुत्र सागर (13) बुधवार को अपनी मां रानी के साथ मामा सत्तराम के घर आया था। घटना की जानकारी फोन द्वारा सागर के पिता को दी गई। इस पर पिता, मां व भाई राज घटनास्थल पर पहुंचे। बताया कि सागर गंगा दशहरा पर श्रृंगीरामपुर में लगा मेला देखने अपनी मां के साथ आया था। गुरुवार को रानी घर चली गई थी, जबकि सागर मामा के घर रुक गया था।