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Farrukhabad News: कर्म, सदाचार व संयम का संदेश देता है शिव महा पुराण

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कमालगंज। बिहारीजी धर्मशाला में आयोजित शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन शुक्रवार को शिव महापुराण व ज्योतिर्लिंग महिमा का गुणगान किया गया। कथा व्यास ने कहा कि शिव महापुराण निष्काम कर्म करने की प्रेरणा देता है। सदाचार व संयम का रास्ता भी दिखाता है।
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नैमिषारण्य के कथा व्यास आचार्य प्रशांत तिवारी ने पूजन-अनुष्ठान के बाद कथा आरंभ की। उन्होंने कहा कि शिव पुराण कथा भगवान शिव के कल्याणकारी स्वरूप, उनकी महिमा और भक्ति का मनोहारी ग्रंथ है। इसे सच्चे मन से सुनने या पढ़ने से पाप नष्ट होते हैं। घर की नकारात्मकता दूर होती है। यह कथा धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष आदि पुरुषार्थों को देने वाली मानी गई है। शिव पुराण मनुष्य को अपनी लगन और मेहनत से निष्काम कर्म करने की प्रेरणा देता है। ईर्ष्या और मोह-माया का त्याग कर सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देती है कथा। इससे मानसिक शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
आचार्य ने कहा कि कोटि रुद्र संहिता में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का विस्तृत वर्णन है। कथा में ज्योतिर्लिंग सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमशंकर, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, काशी विश्वनाथ, रामेश्वर, घृष्णेश्वर का महात्म्य विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर गोपाल विश्नोई, मेवाराम गुप्ता बड़े बाबू, अनुज द्विवेदी, प्रदीप दीक्षित, रामनिवास शर्मा, सुभाष शुक्ला आदि व्यवस्था में रहे। संवाद
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