फर्रुखाबाद। स्थानीय डिपो के बेड़े में 28 खटारा बसों में जनता यात्रा करने को मजबूर है। इसके बावजूद स्थानीय डिपो परिवहन निगम के इटावा मंडल के आठों जिलों में मई के पहले 10 दिनों में अव्वल रहा है। जबकि हालात ऐसे हैंं कि मुख्यमंत्री बस सेवा में लगी बस खराब होने की वजह से एक ही चक्कर लगा रही है।
डिपो के बेड़े में 94 निगम और 24 अनुबंधित बसें हैं। बस अड्डा पर रविवार को आए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के सामने एआरएम राजेश कुमार ने 28 बसें खटारा (कंडम) हालत की होने की जानकारी दी थी। यही वजह है कि मुख्यमंत्री प्राथमिकताओं में शामिल कम किराए वाली ग्रामीण बस सेवा भी सही से नहीं चल पा रही है। पर्यटन स्थल नीबकरोरी, संकिसा, मेरापुर होकर नौली तक के दो फेरा लगाने वाली बस का चंद दिनों में ही एक फेरा बंद कर दिया गया था। यही नहीं महीने में यह बस 10 दिन खराब होने से निरस्त करनी पड़ती है। इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण ही नहीं आगरा, बदायूं, हरदोई रूट पर भी कई बसें कंडम हालत की चलाई जा रही हैं।
इससे कई बार यात्रियों को रास्ते में मुसीबत का सामना करना पड़ता है। कंडम बसों से यात्रा के बावजूद डिपो आय में अव्वल है। मई के 10 दिनों में इटावा क्षेत्र में आने वाले सभी आठ डिपो में स्थानीय डिपो अव्वल है। 1.70 करोड़ के सापेक्ष 2.11 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर शीर्ष स्थान हासिल किया। यही नहीं डिपो ने अप्रैल माह में भी छह करोड़ की आय अर्जित कर लक्ष्य से 102 फीसदी अधिक काम किया था। एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि यदि कंडम बसें कम हों, तो आय और भी अधिक बढ़ जाएगी। कर्मचारी अच्छा काम कर रहे हैं। परिवहन मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में शीघ्र ही नई बसों की डिमांड भेजी जाएगी। यात्री सुविधा में सुधार होगा।